एआईसीटीई से मिली स्वीकृति, उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए अब छात्र नहीं करेंगे पलायन
फोटो-मेल में दिया हूं्र, इंजीनियरिंग कॉलेज
अंबिकापुर। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अंबिकापुर को बड़ी सौगात दी है। परिषद ने महाविद्यालय में एमबीए सहित कार्यरत पेशेवरों के लिए विशेष बीटेक और एमटेक पाठ्यक्रमों को मंजूरी प्रदान की है। अब तक विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग महाविद्यालय अंबिकापुर के नाम से संचालित संस्थान को आधिकारिक तौर पर शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय (जीईसी) अंबिकापुर नाम दिया गया है। कॉलेज प्रबंधन ने इसे संस्थान की स्वतंत्र पहचान और तकनीकी शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। वहीं यह महाविद्यालय प्रदेश का पहला शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय बन गया है। यहां एमबीए के साथ-साथ कार्यरत पेशेवरों हेतु विशेष बी.टेक एवं एम.टेक पाठ्यक्रम एक साथ तीन-तीन विषयों में प्रारंभ किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों की कक्षाएं जुलाई 2026 से प्रारंभ होंगी।
एआईसीटीई से मिली स्वीकृति के तहत शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में एमबीए पाठ्यक्रम की 30 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा, वहीं नौकरी पेशा तकनीकी कर्मचारियों के लिए विशेष बीटेक एवं एमटेक कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अंबिकापुर प्रदेश का पहला शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय बन गया है। यहां एमबीए के साथ-साथ कार्यरत पेशेवरों के लिए एक साथ तीन-तीन विषयों में विशेष बीटेक और एमटेक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। इन कोर्सों की कक्षाएं जुलाई 2026 से शुरु होंगी। नई व्यवस्था से सरगुजा और आसपास के आदिवासी व दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। अब उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन कम होगा। नौकरी करते हुए तकनीकी शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलने से युवाओं की रोजगार क्षमता और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा। कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि यह उपलब्धि सांसद चिंतामणि महाराज के प्रयासों तथा अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर और पार्षद आलोक दुबे के सहयोग से संभव हो हुआ है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. राम नारायण खरे ने एआईसीटीई, राज्य शासन, छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी जनप्रतिनिधियों, छात्र संगठनों और महाविद्यालय परिवार के प्रति आभार जताया है।
महाविद्यालय को मिली नवीन स्वीकृति
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में महाविद्यालय को कई नए एवं रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों की स्वीकृति मिली है, इनमें प्रमुख रूप से एमबीए पाठ्यक्रम के लिए 30 सीटों की नवीन स्वीकृति शामिल है। इसके अलावा कार्यरत पेशेवरों हेतु विशेष तकनीकी पाठ्यक्रम बी.टेक. में सिविल इंजीनियरिंग के लिए 30 सीट, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए 30 सीट, माइनिंग इंजीनियरिंग के लिए 30 सीट, एम.टेक. में माइनिंग इंजीनियरिंग के लिए 15 सीट, पॉवर सिस्टम एंड कंट्रोल के लिए 15 सीट, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के लिए 15 सीट की सौगात मिली है। महाविद्यालय में पूर्व से संचालित सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग एवं माइनिंग इंजीनियरिंग सहित सभी नियमित यूजी एवं पीजी पाठ्यक्रमों को भी निरंतर स्वीकृति प्रदान की गई है।  

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