युवक ने कहा-दोनों के दांपत्य जीवन के बीच है 6 वर्ष का पुत्र

अंबिकापुर। शहर में संचालित एक आईवीएफ सेंटर पर भ्रामक वीडियो प्रसारित करने का गंभीर आरोप एक व्यक्ति ने लगाया है। दावा किया गया है कि, अस्पताल के प्रचारात्मक वीडियो में उसकी पत्नी को 8 वर्षों से नि:संतान महिला के रूप में दिखाया गया है, और अस्पताल में आईवीएफ तकनीक के माध्यम से उसे संतान की प्राप्ति हुई। युवक का कहना है कि, सोशल मीडिया में जारी किए गए वीडियो में उसकी पत्नी के साथ जिस बच्चे और व्यक्ति को दिखाया गया है, वे भी वास्तविक नहीं हैं।
युवक का आरोप है कि, वीडियो के वायरल होने के बाद समाज में उसकी छवि धूमिल हुई है, और लगातार लोग फोन करके उनसे सवाल कर रहे हैं, जिससे वे मानसिक रूप से खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं। युवक का कहना है कि, उनकी शादी के 8 वर्ष हो चुके हैं और दोनों के दांपत्य जीवन के बीच एक 6 वर्षीय पुत्र भी है। हालांकि, उनकी पत्नी पिछले 6 माह से साथ में नहीं रह रही है, लेकिन अभी तक दोनों का तलाक नहीं हुआ है, मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आईवीएफ सेंटर की कथित हरकत से आहत होकर उन्होंने सरगुजा पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए न्याय की मांग की है। इनका कहना है कि वीडियो ने उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंचाई है। पुलिस अधिकारी भी ऐसी शिकायत प्राप्त होना स्वीकार करते हुए महिला का बयान दर्ज होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की बात कह रहे हैं। आईवीएफ सेंटर प्रबंधन से संपर्क करने पर वहां मौजूद प्रतिनिधि ने पहले मामले को समझा, बाद में उच्च अधिकारियों से चर्चा करने के बाद प्रतिक्रिया देने की बात कही। वहीं एक विज्ञापन एजेंसी ने उक्त वीडियो तैयार करना बताया है। विज्ञापन एजेंसी के द्वारा महिला की सहमति से वीडियो बनाने की बात कही जा रही है। अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित महिला के पति द्वारा लगाए गए मानहानि और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है। दंपति भले ही अलग रह रहे हों, लेकिन उनका तलाक नहीं हुआ है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में यह प्रकरण कई कानूनी जटिलताओं को जन्म दे सकता है। फिलहाल, मामले में कार्रवाई क्या होगी, यह आने वाला समय तय करेगा।

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