कूटरचना के मामले में पुलिस अन्य आरोपियों के तलाश में जुटी

अंबिकापुर। असली ऋण पुस्तिका के स्थान पर कूटरचना कर फर्जी ऋण पुस्तिका का उपयोग कर जमीन निष्पादित कराने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है।
जानकारी के मुताबिक फैजान आलम अंसारी निवासी मायापुर ने आवेदन देकर पुलिस को बताया था कि उसकी दादी स्व. जमीला खातुन के स्वामित्व व आधिपत्य की भूमि खसरा क्रमांक 1688/14, रकबा 10 डिसमिल (व्यपपर्तित भूमि) मायापुर में था। वर्ष 2019 में उक्त भूमि की वसीयत अपने जीवन काल में ही दो हिस्सों में दादी कर दी थी, परंतु वर्ष 2021 में इसकी बड़ी बुआ के पुत्र अहमद अली एवं अन्य ने बिना प्रार्थी के पिता व चाचा व छोटी बुआ तथा परिवार के अन्य किसी सदस्य को बिना बताए ही उक्त जमीन का विक्रयनामा पंजीयन अपने पक्ष में करा लिया है। विक्रयनामा पंजीयन के दस्तावेज का अवलोकन करने पर पाया कि पंजीयन दस्तावेजों में दर्ज द्वितीय प्रति ऋण पुस्तिका क्रमांक पी-1948564 दर्ज है, जो असल ऋण पुस्तिका क्रमांक एल-22055 से भिन्न है। इसके बाद प्रार्थी भू-अखिलेखों का अवलोकन किया, तो पाया कि ऋण पुस्तिका क्रमांक एल-22055 ही असल ऋण पुस्तिका है, जो राजस्व भू-अभिलेखों में दर्ज था। कार्यालय तहसीलदार, पटवारी व कलेक्टर अंबिकापुर से जानकारी मिली कि ऋण पुस्तिका क्रमांक पी-1948564 न तो शासन द्वारा जिले को आंबटित हुई है और न ही किसी सक्षम कार्यालय व अधिकारी द्वारा विधिवत जारी हुई है। भू-अभिलेखों के अवलोकन करने पर यह भी पता चला कि उक्त भूमि व्यपवर्तित है। अहमद अली एवं अन्य ने व्यपवर्तित भूमि को बिना कलेक्टर से अनुमति लिए बिना ही क्रय-विक्रय करने के उद्देश्य से फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार करके प्रार्थी की दादी स्व. जमीला खातून एवं उसके समस्त जीवित संतान के साथ छल किया है। आरोपियों द्वारा कूटरचना कर जमीला खातून के वृद्ध व अशिक्षित होने का फायदा उठाकर उनके आधिपत्य की भूमि खसरा नंबर 1658/14 रकबा 0.040 (व्यपपर्तित भूमि) को उसके मूल ऋण पुस्तिका के स्थान पर फर्जी ऋण पुस्तिका का उपयोग कर विधि विरुद्ध तरीके से बिना कलेक्टर अनुमति के धोखाधडी एवं कूटरचना कर फर्जी विक्रय पर अपने पक्ष में निष्पादित कराना पाए जाने पर मामले में थाना कोतवाली में धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस ने विवेचना में लिया था। दौरान विवेचना पुलिस टीम ने प्रार्थी एवं गवाहों का कथन लेख कर आरोपी अहमद अली पिता अहमद हुसैन 48 वर्ष निवासी मायापुर पूछताछ की और द्वितीय प्रति ऋण पुस्तिका पेश करने हेतु नोटिस दिया तो वह कूचरचित ऋण पुस्तिका के संबंध में कोई जानकारी नहीं होना बताते हुए गोलमोल जवाब देने लगा। पुलिस ने खसरा नम्बर 1668/14 रकबा 0.040 हे. भूमि की रजिस्ट्री की मूल प्रति व उस भूमि की वर्तमान ऋण पुस्तिका की छायाप्रति जप्त किया है। प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक देवनारायण यादव, आरक्षक दीपक दास सक्रिय रहे।

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