सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में रासेयो द्वारा विधिक शिविर का आयोजन

अंबिकापुर। सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय सुभाषनगर में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा विधिक शिविर का आयोजन प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम अधिकारी रासेयो रानी रजक के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि न्यायाधीश जे.एम.एफ.सी गिरवर सिंह राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि आप भावी शिक्षक हंै, हम सभी को मिलकर साइबर क्राइम को रोकना है। युवा आज जितना अच्छा कार्य कर रहे हैं, उतना ही गलत भी कर रहे हंै। गाड़ियां सही नहीं चलाने से सड़क दुर्घटनाएं हो रही हंै। इससे शारीरिक हानि तो होता ही है, आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। परिवार को भी कई प्रकार की क्षति का सामना करना पड़ता है। हम प्रतिदिन स्कूल, कॉलेज, कार्यालय या अन्य कार्यों के लिए आने-जाने में सड़कों का उपयोग करते हैं। दु:ख की बात है कि हजारों लोग हर वर्ष सड़क हादसे में अपनी जान गंवा देते हैं। अधिकांश दुर्घटनाएं लापरवाही, नियमों की अनदेखी और जल्दबाजी के कारण होती है। तेज गति से वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग करना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं लगाना ये सभी दुर्घटनाओं के मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करके कई प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। सड़क सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, यह हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने डिजिटल क्राइम के बारे में भी बताया, और कहा आजकल सोशल मीडिया में फेक अकाउंट बनाकर लोगों को ठग्गा जा रहा है। ऑनलाइन किसी लिंक का उपयोग नहीं करना चाहिए। ऑनलाइन ओटीपी किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में एक लक्ष्य रखना है, उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना है, और तब तक कोशिश करना है जब तक हम उसे प्राप्त न कर लें।
नीरज कुजूर ने अपने उद्बोधन में साइबर ठगी पर प्रकाश डाला और कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट ने हमारे जीवन को आसान, तेज और सुविधाजनक बना दिया है। हम घर बैठे बैंकिंग, खरीददारी, पढ़ाई और संचार जैसे अनेक कार्य कर लेते हैं। जहां सुविधा होती है, वहां खतरे भी साथ-साथ आते हैं। उन्होंने कहा कि आज ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। कभी फर्जी कॉल करके बैंक अधिकारी बन जाते हैं, कभी लॉटरी जीतने का झांसा देते हैं, तो कभी नकली वेबसाइट बनाकर लोगों से भुगतान करवा लेते हैं। हमें ऑनलाइन सोशल मीडिया का उपयोग तो करना है परन्तु सावधानी से करना है। अंत में महाविद्यालय की प्राचार्य द्वारा कार्यक्रम के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई। उन्होंने अतिथियों का आभार प्रदर्शन करके कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक प्रियलता जायसवाल, उर्मिला यादव, मिथलेश कुमार गुर्जर, सुप्रिया सिंह, सविता यादव, सीमा बंजारे, पूजा रानी एवं नितेश कुमार यादव एवं सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों, विद्यार्थियों, बीएड द्वितीय सेमेस्टर एवं चतुर्थ सेमेस्टर के प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति रही।

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