अंबिकापुर। जिले में तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों के उपयोग पर नियंत्रण और धूम्रपान से होने वाले दुष्प्रभावों की रोकथाम के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम का विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत उल्लंघन करने पर पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं खाद्य व औषधि विभाग के संयुक्त दल द्वारा चालानी कार्रवाई की गई। बिना वैद्यानिक चेतावनी वाले सिगरेट, तम्बाकू उत्पाद, पान-मसाला विक्रेता द्वारा बैठक व्यवस्था बनाकर सिगरेट पिलाने, सार्वजनिक स्थल में सिगरेट पीने वाले पर कार्रवाई करते कुल 16 चालानी कार्रवाई की गई और 1600 रुपये का चालान काटा गया। साथ ही भविष्य में सार्वजनिक स्थल, शैक्षणिक संस्थानों के समीप धूम्रपान करने वाले एवं अमानक रूप से तम्बाकू उत्पाद के क्रय-विक्रय करने पर संचालनों के विरूद्ध सील बंद संबंधी कार्रवाई किए जाने चेतावनी दी गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग एवं खाद्य व औषधि निरीक्षक अनिल पैकरा, कमल नारायण, मनोज बिसेन, पीमसई  उपस्थित थे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बिना वैधानिक चेतावनी सिगरेट, गुटखा पूर्णत: प्रतिबंध है, इसके बावजूद कई ऐसे पान-मसाला विक्रेता नियम विरूद्ध विक्रय करते पाए जा रहे हैं। कई डेलीनीड्स, पान-मसाला विक्रेता बैठक व्यवस्था बनाकर सिगरेट पिलाने जैसी व्यवस्था दे रहे थे, जिस कारण दूसरों के द्वारा छोड़े गए धुएं (सेकेंड-हैंड स्मोक) से भी कैंसर और हृदय रोगों का खतरा उतना ही होता है जितना पीने वाले को। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार राज्य में सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम 2003 के पूर्णत: पालन करने के निर्देश तथा तम्बाकू उत्पाद पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कोटपा एक्ट को सख्ती से लागू करने कहा गया है। तम्बाकू उत्पाद का विज्ञापन कोटपा एक्ट की धारा 5 के तहत प्रतिबंधित है। कोटपा एक्ट की धारा 6 के अनुसार शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटर से 100 गज की दूरी तक तम्बाकू उत्पाद की बिक्री गैर कानूनी है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के द्वारा तम्बाकू उत्पाद बेचा जाना या उपभोग करना सज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
अकाल मृत्यु का चित्रण अनिवार्य
तम्बाकू विक्रेता को कोटपा एक्ट के बारे में जानकारी होनी चाहिए, तम्बाकू उत्पाद के पैकेट में स्पष्ट रूप से तम्बाकू सेवन यानि अकाल मृत्यु का चित्रण अनिवार्य होना चाहिए। धूम्रपान में सहायक लाइटर, ऐस ट्रे को संस्थान में नहीं रखना चाहिए। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तम्बाकू विक्रय संस्थान में नहीं रहना चाहिए। इस हेतु एक बोर्ड अनिवार्य रूप से तम्बाकू संस्थान में रहना चाहिए।

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