किसी भी पोस्ट को शेयर करने से पहले सत्यता की जांच करने का आग्रह

भटगांव। डिजिटल युग में सोशल मीडिया जहां सूचना का सबसे तेज माध्यम बन चुका है, वहीं इसके दुरुपयोग की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। ताजा मामला भटगांव क्षेत्र से जुड़ा है, जहां कुछ लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक हाथी की तस्वीर यह दावा करते हुए शेयर कर दी कि वह एसईसीएल अस्पताल भटगांव के पास खड़ा हुआ देखा गया। सत्यापन में पाया गया कि यह तस्वीर पूरी तरह से एआई से जनरेटेड है और वास्तविक घटना से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, फर्जी तस्वीर के वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में हलचल मच गई। कई लोग यह मानकर चिंतित हो उठे कि हाथी रहवासी एसईसीएल कॉलोनी में पहुंच गया है, जबकि तस्वीर डिजिटल तैयार की गई थी। सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का कहना है कि एआई तकनीक जितनी उपयोगी है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी है, क्योंकि इससे वास्तविक जैसे दिखने वाले फर्जी फोटो, वीडियो और सूचनाएं बड़ी संख्या में बनाकर फैलाए जा सकते हैं। ऐसे में बिना पुष्टिकरण किसी भी सामग्री को शेयर करना भ्रामक स्थिति पैदा कर सकता है। स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार नागरिकों ने लोगों से अपील की है किसी भी फोटो या वीडियो की तथ्य जांच करें। संदिग्ध पोस्टों को बिना सत्यता के शेयर न करें। गलत सूचना फैलाने वालों से सतर्क रहें। समाज में अनावश्यक अफवाहें और डर पैदा न हो, इसके लिए जागरूक रहना समय की मांग है। ऐसी घटनाएं एक बार फिर साबित करती हैं कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज सच नहीं होती। 

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