उपमुख्यमंत्री व वित्तमंत्री के मौजूदगी में 10 क्रांतिकारी नवाचारों को लेकर कार्यशाला, भ्रष्टाचार होगा खत्म

अंबिकापुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार में 10 क्रांतिकारी नवाचारों का तोहफा प्रदेशवासियों को दिया है। शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा तथा छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, नगर पालिक निगम अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, आयुक्त आवास एवं मनरेगा तारण प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर विलास भोसकर, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, नगर निगम के कमिश्नर डीएन कश्यप, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी सहित मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य शासन द्वारा रजिस्ट्री प्रणाली में सुधार और नवाचार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इस डिजिटल परिवर्तन से आम जनता को सबसे अधिक लाभ होगा। उन्होंने कहा अब रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए नागरिकों को भटकना नहीं पड़ेगा, यह प्रक्रिया स्वत: और सुगमता से पूरी होगी। परंपरागत व्यवस्था में रजिस्ट्री तो हो जाती थी, लेकिन नामांतरण की प्रक्रिया के लिए लोग महीनों, वर्षों तक परेशान होते थे। तहसील कार्यालयों का चक्कर लगाते थे, साक्ष्य और दस्तावेजों के अभाव में व्यक्ति न्यायालय और पुलिस के बीच फंसा रहता था। अब एकीकृत और पारदर्शी व्यवस्था के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जैसे ही रजिस्ट्री हो, नामांतरण की प्रक्रिया भी तुरंत शुरू हो जाए, इससे न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या भी घटेगी और जनता को त्वरित न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा बनाए गए डिजिटल डाटाबेस पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा, यह डाटा केवल सरकारी स्वामित्व में रहेगा। इस प्रणाली से फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार और दलालों की भूमिका समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि एक समय था जब व्यक्ति रजिस्ट्री कराकर भी वर्षों तक नामांतरण नहीं करवा पाता था, लेकिन यह तकनीक और राजनीतिक इच्छाशक्ति के समन्वय से संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन ने पंजीयन विभाग के माध्यम से व्यापक सुधार लाए गए हैं, जिसका प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीणों, किसानों और आम नागरिकों को मिलेगा। क्या कार्य होगा यह निर्धारित करना शासन का कार्य है, परंतु कार्य कैसे होगा, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। आप अपने कर्तव्यों का पालन कर आमजनों को इसका लाभ दिलाएं।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार चल रही है, जो पूरी तरह से गर्वनेंस को समर्पित सरकार है, शासन द्वारा गर्वनेंस स्थापित करने पर फोकस किया जा रहा है। उसी से प्रेरणा लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार पूरी तरह समर्पित होकर सुशासन स्थापित करने, भ्रष्टाचार के मौके कम करने और लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा प्रदान करने के लिए समर्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजीयन का काम जीवन में महत्वपूर्ण है। रजिस्ट्री की जटिल प्रक्रिया के वजह से पंजीयन के समय दिक्कतों और परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल और आसान बनाने के लिए सुगम ऐप लॉन्च किया गया, जिसके माध्यम से जमीन के अक्षांश देशांतर की स्थिति और भूमि की वास्तविक स्थिति दर्ज हो जाती है। रजिस्ट्री अधिनियम 1908 का बनाया गया था, इसका विषयवस्तु वर्तमान समय की जरूरतों से मेल नहीं खाता था, जैसे कि गोदनामा विलेख पंजीयन प्रावधान में केवल पुत्र शब्द था क्योंकि उस समय पुत्री के गोद लेने का प्रचलन नहीं था। हमने रजिस्ट्री नियम का व्यापक अध्ययन कर इसके प्रावधानों को वर्तमान के जरूरतों के अनुरूप अनूकूल बनाया। रजिस्ट्री प्रक्रिया में टेक्नॉलाजी का अधिक से अधिक समावेश करते हुए और मानवीय हस्तक्षेप को सीमित करते हुए 10 नए क्रांतियुक्त नवाचार विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पंजीयन विभाग में कई सुधार किए हैं। अब आम जनता को काम के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
2 लाख से अधिक के संपत्तियों की जियो टैगिंग सुनिश्चित
वित्त मंत्री ने बताया कि पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारे पर पंजीयन शुल्क केवल 5 सौ रुपये कर दिया गया है। डिजिटल गवर्नेस को बढ़ावा देते हुए सुगम एप के माध्यम से 2 लाख से अधिक के संपत्तियों की जियो टैगिंग सुनिश्चित की गई है। इससे संपत्ति की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। गाइडलाइन मूल्य से अधिक विक्रय पर पंजीयन शुल्क माफ कर मध्यम वर्ग को राहत प्रदान की गई है। विभागीय सेटअप बढ़ाया गया है। डिजिटल गवर्नेंस का बेहतरीन उदाहरण इन 10 क्रांतिकारी पहल में है, जो पंजीयन विभाग के माध्यम से किए गए हैं। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को कहा कि इसको आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आप सभी की है, आप सब मिलकर इस नवाचार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। यह केवल पंजीयन विभाग ही काम नहीं है, यह जनता के लिए समर्पित कार्य है। इसे सकारात्मक तरीके से प्राथमिकता के साथ जिले में लागू करें। यह शासन की प्राथमिकता और जनता से संबंधित कार्य है। आपसी समन्वय से गंभीरता के साथ कार्य करके इसे सफल बनाना है।
क्रांतिकारी परिवर्तनों का वीडियो प्रस्तुतीकरण
इस दौरान आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा, ऑनलाइन सर्च एवं डाउनलोड, भारमुक्त प्रमाण पत्र, एकीकृत कैशलेस भुगतान, व्हाट्सएप मैसेज सर्विसेज, डिजीलॉकर, आटो डीड जनरेशन, डिजीडॉक्यूमेंट, घर बैठे रजिस्ट्री, स्वत: नामांतरण की सुविधा के संबंध में वीडियो प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी गई। अब पंजीयन के तुरंत बाद ही स्वत: नामांतरण होने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि आम जनता को फर्जीवाड़े का शिकार भी नहीं होना पड़ेगा। महानिरीक्षक पंजीयन के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया गया ।

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