अंबिकापुर। एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर द्वारा 12 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय वाड्रफनगर में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 गौतम सिंह आयम को जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा 10.08.2026 को तत्सबंध में आदेश जारी करके यह कार्रवाई की है।
आदेश के अनुसार 13.08.2024 को एसीबी रायपुर ने गौतम सिंह आयम को 12,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश करके जिला जेल रामानुजगंज भेज दिया गया था। 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रहने के कारण कलेक्टर के आदेश से 21.08.2024 को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। गौतम सिंह आयम की मूल पदस्थापना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इंजानी, विकासखण्ड वाड्रफनगरÓ में थी और वे बीईओ कार्यालय वाड्रफनगर में संलग्न थे। डीईओ कार्यालय से जारी आदेश में उल्लेख है कि, सक्षम न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध होना, कर्तव्य निर्वहन के दौरान रिश्वत स्वीकार करने जैसा गंभीर नैतिक अध:पतन एवं भ्रष्टाचार और शासकीय सेवा की ईमानदारी, निष्पक्षता एवं सत्यनिष्ठा के प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला गंभीर कृत्य होने के कारण गौतम सिंह आयम को सेवा से बर्खास्त किया जाता है।
कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बलरामपुर-रामानुजगंज ने विशेष आपराधिक प्रकरण क्रमांक 01/2024 में 15.05.2026 अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने पाया कि आरोपी गौतम सिंह आयम ने लोक कर्तव्य के पालन में अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रार्थी नितेश रंजन पटेल से एरियर्स भुगतान हेतु 20,000 रुपये की मांग की थी और 12,000 रुपये रिश्वत ली थी। कोर्ट ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 की धारा 7 के तहत दोषी ठहराते हुए 03 वर्ष का कठोर कारावास, 10,000 रुपये अर्थदंड एवं अर्थदंड अदा न करने पर 01 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी।

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