20 साल के आंकड़े सरगुजा में 3-4 साल के अंतराल में उतार-चढ़ाव की स्थिति बयां कर रहे

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। 7 अगस्त को सूरजपुर के ओड़गी में सर्वाधिक 55.2 मिमी बारिश हुई। वहीं मौसम विभाग के 20 साल के आंकड़े बता रहे हैं कि अंबिकापुर में बारिश का मिजाज हर 3-4 साल में बदल जाता है। शुक्रवार को मौसमी उतार-चढ़ाव के बीच दोपहर में झमाझम बारिश हुई, इसके बाद रिमझिम बारिश का दौर चलते रहा।  
मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार शुक्रवार को छत्तीसगढ़ सहित सरगुजा संभाग में हुई बारिश के बीच टॉप 5 अंतर्गत ओड़गी में 55.2 मिमी, लटोरी में 52.2 मिमी, प्रतापपुर में 47.2 मिमी, अंबिकापुर में 25.4 मिमी, सक्ती में 23.7 मिमी वर्षा हुई। सरगुजा के मैनपाट में 13.6 मिमी, सीतापुर में 11.1 मिमी, लखनपुर में 6.8 मिमी, रामानुजगंज में 9.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर के बेलतरा में 46.0 मिमी और बीजापुर में 54.0 मिमी बारिश हुई।
20 साल का सच, कभी बाढ़ कभी सूखा
अंबिकापुर के पिछले 20 साल के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 2007 से 2026 तक जून+जुलाई तक की स्थिति में सबसे ज्यादा बारिश 2025 में 74.0′ और 902.7 मिमी हुई। सबसे कम 2022 में 23.7’* और 289.2 मिमी, 2026 में अभी तक 46.8′ और 571.3 मिमी वर्षा हुई है। 30 प्रतिशत से कम बारिश की स्थिति पर नजर डालें तो दो दशक के अंतराल में वर्ष 2009, 2010, 2014, 2016, 2022, 2023 में, 3 साल के बीच 30 से 40′ बारिश, 6 साल में 40′ से 50′ बारिश, 5 साल में 50′ से ज्यादा बारिश वर्ष 2008, 2017, 2018, 2021, 2025 में हुई। यानी हर 3-4 साल में एक बार सूखे जैसा संकेत मिलते आ रहा है।
किसानों की चिंता और उम्मीद
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि 2025 में रिकॉर्ड बारिश से खरीफ की फसल बंपर हुई थी। 2026 में अभी 46.8′ बारिश सामान्य है। अगर अगस्त-सितंबर में अच्छी बारिश हो गई तो उत्पादन अच्छा रहेगा। स्थानीय किसान कहते हैं ‘पिछले साल पानी से परेशान थे, इस साल अभी ठीक है। बस धान में बाली आने तक पानी मिल जाए तो काम बन जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों का कहना है कि अंबिकापुर में बारिश की अनिश्चितता बढ़ी है। 2025 जैसी बंपर और 2022 जैसी कम बारिश दोनों देखने को मिल रही है। किसानों को मौसम के अनुसार फसल योजना बनानी चाहिए।

Spread the love