प्रशासन से हस्तक्षेप और नुकसान भरपाई की गुहार

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के रघुनाथपुर तहसील अंतर्गत ग्राम सिलसिला में एक निजी मिनरल्स फैक्ट्री द्वारा बनाए गए अनियोजित ड्रेनेज और बाउंड्री के कारण किसान की वर्षों की मेहनत पानी में डूब गई। खेत में जलभराव से खड़ी फसल नष्ट हो गई है। पीड़ित किसान ने नायब तहसीलदार को लिखित आवेदन देकर तत्काल पानी निकासी और उचित मुआवजे की मांग की है।
अधिवक्ता एकलव्य सिंह, सोनाराम, सुखनाथ, संतोष, विनोद कुमार, हीरासाय ने 23 जून को नायब तहसीलदार रघुनाथपुर को दिए आवेदन में बताया है कि, गांव में संचालित मां कुदरगढ़ी मिनरल्स फैक्ट्री ने अपनी फैक्ट्री के हित में बड़ा बांधनुमा बाउंड्री और ड्रेनेज का निर्माण करा दिया है। इस निर्माण के बाद बारिश का पानी प्राकृतिक निकास के बजाय सीधे उनके खेत में भर रहा है। इनका कहना है कि इस बार हुई बारिश के बाद खेत में इतना पानी भर गया कि खड़ी फसल पूरी तरह डूब गई। लगातार जल-जमाव के कारण खेत की मिट्टी भी खराब हो गई है और अब आगे की फसल की बुवाई करना भी संभव नहीं दिख रहा। देखना यह है कि प्रशासन शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।
परिवार के भरण-पोषण का मंडराया संकट
किसानों ने आवेदन में उल्लेख किया है कि खेती ही उनके परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र साधन है। फसल बर्बाद होने से न केवल इस साल की आमदनी गई, बल्कि अगली फसल भी खतरे में है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले को गंभीरता से लेकर मौके का निरीक्षण किया जाए। इनके द्वारा राजस्व और कृषि विभाग की टीम भेजकर फसल क्षति का आंकलन कराने, खेत से जमा पानी को निकालने के लिए वैकल्पिक निकासी की व्यवस्था करने, फसल और भूमि को हुए नुकसान का नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।
15 दिन इंतजार के बाद करेंगे आंदोलन
किसानों ने यह भी कहा है कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। आंदोलन की स्थिति में कानून-व्यवस्था और अन्य नुकसान की जिम्मेदारी फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन की होगी। फिलहाल इस मामले में तहसील प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ग्रामीणों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों के विस्तार के साथ किसानों की जमीन और खेती को पहुंचने वाले नुकसान पर ध्यान देना जरूरी है, अन्यथा भविष्य में विवाद बढ़ने जैसी स्थिति बन सकती है।

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