पीजी कॉलेज के विकास के लिए जन भागीदारी समिति की बैठक में कई निर्णय लिए गए
अंबिकापुर। महाविद्यालय के समग्र विकास में शासन, समाज, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों तथा शिक्षाविदों की सहभागिता सुनिश्चित करने वाली जनभागीदारी समिति ने महाविद्यालय को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समाजोन्मुख बनाने के लिये कई निर्णय लिये। जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता व कलेक्टर के प्रतिनिधि तहसीलदार सहित अन्य की मौजूदगी में हुई बैठक में सर्वसम्मति से महाविद्यालय के ऑडिटोरियम को किसी आयोजन के लिये देने की स्थिति में शासकीय संस्थाओं से 11000 एवं गैर शासकीय संस्थाओं से 15000 रुपये लेने का निर्णय लिया गया, ताकि ऑडिटोरियम का समय-समय पर बेहतर प्रबंधन किया जा सके। इसी तरह महाविद्यालय के मैदान का दुरुपयोग रोकने एवं मेंटेनेंस के लिए संपूर्ण मैदान हेतु 25000 रुपये शुल्क एक दिवस का निर्धारित करते हुये इसकी स्वीकृति प्रदान की गई।
इसी क्रम में भवन निर्माण, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, खेल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिये वित्तीय संसाधनों का सृजन, शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्र हितों के संरक्षण तहत विद्यार्थियों की आवश्यकताओं, समस्याओं एवं सुझावों पर विचार करने, महाविद्यालय और स्थानीय समुदाय, उद्योगों, सामाजिक संस्थाओं तथा पूर्व विद्यार्थियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया। समिति के अध्यक्ष ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में सहयोग, नवाचार, बहुविषयक शिक्षा, कौशल आधारित शिक्षण तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने तथा महाविद्यालय को नैक में बेहतर ग्रेडिंग प्राप्त हो इसके लिए अभी से कार्य योजना बनाने की बात कही। सेल्फ फाइनेंस कोर्स में पाठ्यक्रम के कार्यभार एवं शिक्षकों की आवश्यकता के अनुसार ही शिक्षक नियुक्त करने की सहमति दी गई है। स्नातकोत्तर एंथ्रोपोलॉजी, एमएसडब्ल्यू, एमएससी कंप्यूटर साइंस, बीए एंथ्रोपोलॉजी, एमए मनोविज्ञान जैसे सेल्फ फाइनेंस कोर्स में बढ़े शुल्क में कमी की गई। महाविद्यालय के मुख्य भवन के प्रवेश द्वार का पुनर्निर्माण करने, महाविद्यालय के कैंटीन का विस्तार करते हुए खाद्य सामग्री की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने, महाविद्यालय की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 10 सीसीटीव्ही कैमरा लगाने की अनुमति प्रदान की गई। बैठक में जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि तहसीलदार विकास जिंदल, सांसद प्रतिनिधि रिंकू वर्मा, सदस्य दीपक यादव, संतोष दास, दीपांकर गुप्ता, मनोज सोनी, प्रभात विश्वास, रामप्रवेश पांडे, सरस्वती यादव, इंदु नेताम के साथ-साथ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल सिन्हा, डॉ. राजकमल मिश्रा, डॉ. एस.एन. पांडे रजिस्टार जेपी लाश्कर उपस्थित रहे।
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छात्रावास का 15 सालों से मरम्मत कार्य नहीं
महाविद्यालय के छात्रावास का निर्माण हाउसिंग बोर्ड द्वारा किया गया है और विगत 15 सालों से उसका कोई रिपेयरिंग कार्य नहीं हुआ है, इसलिए छात्रावास के खिड़कियों की मरम्मत, वॉशरूम और पोताई कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही महाविद्यालय के विभिन्न विभाग और प्रकोष्ठ के फर्नीचर सामग्री, कंप्यूटर तथा ग्रंथालय के आधुनिकीकरण के लिए अलमारी कुर्सियों के साथ छात्रावास के ऊपर बने हुए चार कमरों के लिए 150 ड्यूल डेस्क क्रय की अनुमति प्रदान की गई।
मीटिंग हॉल को दिया जायेगा आधुनिक रूप
महाविद्यालय के मीटिंग हॉल को आधुनिक रूप देते हुए उसमें चार एसी एवं साउंड सिस्टम लगाने, महाविद्यालय के पुराने ऑडिटोरियम, इंडोर बैडमिंटन हॉल का रिनोवेशन करते हुए उसे उपयोग के लायक बनाने की अनुमति दी गई। समिति ने यह भी पारित किया कि मुख्य गेट से लेकर विद्यावृत्त, रुसा भवन तथा साक्षरता ब्लॉक तक पक्का मार्ग नगर निगम, पार्षद मद से कराया जाएगा। महाविद्यालय में बोर मशीन की खराबी के कारण पेयजल की उपलब्धता बाधित होती है, इसलिए नगर निगम से दो नल जल कनेक्शन लेने की सहमति बनी।
विधि विषय में सीट बढ़ाने भेजेंगे प्रस्ताव
महाविद्यालय के विधि विषय में 120 सीट को बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जाएगा तथा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन को अवगत कराया जाएगा। महाविद्यालय की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी हिस्से में मुख्य भवन एवं ऑडिटोरियम के पार्ट को फेंसिंग के माध्यम से सुरक्षित किया जाएगा।

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