लोन के झांसे में आकर सभी हुए ठगी का शिकार, आरोपी गिरफ्तार

अंबिकापुर। किराये में क्रशर का संचालन करने वाले एक व्यक्ति ने लोन दिलाने का झांसा देकर शिक्षिका सहित 10 लोगों से तीन करोड़ रुपये ऐंठ लिया। मामले में गांधीनगर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, शिक्षिका के पद पर राजपुर विकासखंड में कार्यरत शिक्षिका दिव्या एक्का पति पंकज लकड़ा निवासी सरगवां थाना गांधीनगर, 12 मई 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जुलाई 2024 में जमीन खरीदकर घर बनवाने के लिए 15 लाख रुपये लोन लेने के लिए वह सोच रही थी। इसे लेकर वो अपने जीजा से बात की। जीजा ने एक परिचित के बारे में बताया जो लोन दिलाने का काम करता था। इसके बाद उक्त व्यक्ति शिक्षिका के घर आया और ‘अनशिव आर्या फाउण्डेशन ग्रुप के संचालक शिवशंकर दास, निवासी ग्राम चंगोरी पुलिस चौकी बरियो जिला बलरामपुरÓ के बारे में बताया, जो अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जरूरतमंद लोगों को लोन दिलाने में कथित रूप से मदद करता था, इसकी बैंक में अच्छी पकड़ का भी हवाला दिया गया। शिक्षिका को उक्त व्यक्ति कई लोगों का फाइल अपने मोबाइल में और फिजिकल रूप से दिखाया, और विश्वास दिलाया कि कंपनी के सहयोग से उन्हें बहुत जल्द लोन मिल जाएगा। इन्हें कंपनी की एक स्कीम से भी अवगत कराते हुए बताया कि इसका लाभ चयनित कुछ लोगों को ही मिलता है। स्कीम के तहत् कंपनी की ओर से जितना भी लोन स्वीकृत कराया जाएगा, उसका 60 प्रतिशत कंपनी में जमा करने और 40 प्रतिशत लोन धारक को प्रदान करने की जानकारी दी गई। यह भी कहा गया कि स्कीम के तहत लोन लेने पर पूरा किश्त कंपनी की ओर से हर माह चुकाया जाएगा। स्कीम समझाने के बाद उक्त व्यक्ति शिक्षिका के घर कई बार आया और लोन लेने के लिये प्रोत्साहित किया। उसने भविष्य में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने का विश्वास दिलाया था। अनशिव आर्या फाउण्डेशन कंपनी के संचालक शिवशंकर दास व इसके सहयोगियों के द्वारा पीड़िता के अलावा अन्य लोगों से भी इसी प्रकार छल किया गया था। शिक्षिका की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध करके विवेचना में लिया था। कार्रवाई में थाना गांधीनगर के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, सउनि अभिषेक दुबे, आरक्षक दीनदयाल सिंह, सुल्तान अहमद की भूमिका महत्वपूर्ण रही।  
41.08 लाख रुपये में से 28 लाख कराया ट्रांसफर
शिक्षिका को भरोसे में लेकर आरोपी व्हॉट्सअप के माध्यम से पैन कार्ड, आधार कार्ड, फॉर्म नंबर 16, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट व अन्य आवश्यक दस्तावेज ले लिया। शिक्षिका केवल बैंक ऑफ इण्डिया के फार्म में हस्ताक्षर करने गई थी। इसके बाद मनमाने ढंग से आईसीआईसीआई बैंक से 15 लाख रुपये, बैंक ऑफ इण्डिया से 13.40 लाख रुपये, एचडीएफसी बैंक से 12.68 लाख रुपये का लोन कुल 41.08 लाख रुपये लोन स्वीकृत कराकर शिक्षिका के खाते में ट्रांसफर करा दिया। लोन स्वीकृत होने के बाद वह शिक्षिका पर कंपनी में 60 प्रतिशत राशि भेजने के लिए लगातार दबाव बनाने लगा। शिक्षिका के संपर्क में आया व्यक्ति कंपनी का संचालन करने वाले शिवशंकर दास से बात कराकर उसके द्वारा दिये गये अलग-अलग बैंक खातों में अलग-अलग दिनांक को 28 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिया।
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नुकसान की भरपाई के लिए रचा तिकड़म
पुलिस ने आरोपी शिवशंकर दास को धारा 35(1)(बी), (2) बीएनएसएस के तहत नोटिस दिया, लेकिन उसके द्वारा नोटिस के शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ के बीच वह सच कबूला। आरोपी किराये में क्रशर का संचालन करता है। क्रशर में नुकसान होने की वजह से पैसे की आवश्यकता होने पर वह अपने अनशिव आर्या फाउण्डेशन ग्रुप के माध्यम से दिव्या एक्का को फर्जी स्कीम बताकर एवं विश्वास दिलाकर अलग-अलग बैंकों से 41.08 लाख रुपये लोन स्वीकृत कराया था। प्राप्त लोन राशि में से अपने ही लोगों के अलग-अलग खाते में 28 लाख रुपये प्राप्त किया और उन्हीं पैसों से कुछ माह का किश्त भरा था, लेकिन क्रशर में नुकसान होने के कारण आगे किस्त जमा नहीं कर पाया। आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर शिक्षिका के अलावा अन्य 9 लोगों से भी करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक राशि का धोखाधड़ी करना स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपी शिवशंकर दास पिता राजू दास 40 वर्ष, निवासी किशुनपुर थाना धौरपुर को गिरफ्तार करके न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।  

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