कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में 33% महिला आरक्षण को लेकर बुलाए गए विशेष सत्र को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विशेष सत्र केवल दिखावे और झूठ को आगे बढ़ाने के लिए बुलाया गया था, जिसकी सच्चाई को सामने लाने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे छत्तीसगढ़ में घर-घर जाकर लोगों से मिलेंगे और भाजपा की नाकामियों को बताएंगे। खासताैर से महिलाओं को भ्रमित करने के लिए ये जो पाखंड रच रहे हैं, उसे बेनकाब करने का काम करेंगे।पायलट ने कहा, सदन में राहुल गांधी और सोनिया गांधी पहले ही इस मुद्दे पर बोल चुके हैं। महिला आरक्षण बिल तीन साल पहले ही पास हो चुका था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे लागू नहीं किया और लंबे समय तक रोककर रखा।अब महिला आरक्षण के नाम पर सरकार जनगणना से पहले परिसीमन करना चाहती थी, जिसका विपक्ष ने विरोध किया। कांग्रेस का कहना है कि अगर अभी लोकसभा में एक-तिहाई महिलाओं को आरक्षण दिया जाता है, तो पार्टी इसका समर्थन करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए महिला आरक्षण का इस्तेमाल कर रही है। अब सरकार की मंशा सामने आ गई है और यह मुद्दा जनता के सामने रखा जाएगा।पायलट ने रायपुर के राजीव भवन में हुई बैठक को लेकर कहा कि संगठन सृजन के तहत नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति हुई, नए ब्लॉक अध्यक्ष बने हैं और नई कार्यकारिणी बनी है। हमारे विधायकों की संगठन में अलग भूमिका है, इसलिए उनसे मुलाकात की गई। बैठक में आने वाले समय में सरकार को घेरने और राजनीतिक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।

सचिन पायलट ने विधायकों के साथ की वन-टू-वन बैठक

सचिन पायलट ने शुक्रवार को विधायकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने हर विधायक से लगभग 15 मिनट तक अलग-अलग (वन-टू-वन) बातचीत की। इसमें संगठन की स्थिति के साथ-साथ उनके विधानसभा क्षेत्र की ग्राउंड रिपोर्ट भी ली गई। अभी चुनाव में करीब ढाई साल का समय है, लेकिन पार्टी ने अभी से विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करना शुरू कर दिया है। इस बैठक में दीपक बैज और चरणदास महंत भी मौजूद रहे।

महिला बिल को लेकर भ्रम दूर करने पर हुई चर्चा

बैठक को लेकर कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि प्रदेश प्रभारी के साथ महिला सशक्तिकरण बिल और उससे जुड़े भ्रम को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को इस विषय की पूरी जानकारी है या नहीं, इस पर भी बात हुई और आम लोगों तक सही संदेश पहुंचाने की रणनीति पर जोर दिया गया।

संगीता सिन्हा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस 33 प्रतिशत आरक्षण के विरोध में नहीं है, बल्कि इसे लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना जरूरी है। वहीं, महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह पूरी तरह स्वीकार्य होगा। गौरतलब है कि महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में संगीता सिन्हा की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।

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