छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की समीक्षा बैठक सम्पन्न

रायपुर। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की समीक्षा बैठक का आयोजन 12 मार्च को बोर्ड कार्यालय के सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने की।
बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड लगातार बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि बोर्ड और शासन की योजनाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए। विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभाग में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाए। उन्होंने स्थानीय वैद्यों के स्थायी पंजीकरण के लिए भी आवश्यक प्रयास करने को कहा।
बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला ने बैठक में कहा कि औषधीय पौधों का क्षेत्र अपार संभावनाओं से भरा है। उन्होंने कहा कि हमारा सपना है कि बस्तर औषधीय पौधों के माध्यम से दुनिया के समृद्ध क्षेत्रों में शामिल हो। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव ने बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें वन क्षेत्रों में औषधीय पौधों का रोपण, औषधीय पौधों की खेती (कृषिकरण) तथा विभिन्न नवाचार कार्यों की जानकारी दी गई।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव ने आश्वस्त किया कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्देशानुसार जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर बस्तर क्षेत्र में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने का कार्य शुरू किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में बस्तर क्षेत्र में पहले से लगाए गए पाम और नीलगिरी के प्लांटेशन में औषधीय पौधों की मल्टी- क्रॉपिंग के माध्यम से कार्य किया जाएगा।
बैठक में नारायण संकल्प फाउंडेशन रायपुर की श्रीमती सीमा गुप्ता, एन.डी. मेमोरियल फाउंडेशन दुर्ग के शालीभद्र मुथा, क्रिस्टल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसायटी की श्रीमती रीनू छाबड़ा सहित बोर्ड की योजनाओं से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा बोर्ड के तकनीकी सलाहकार और कर्मचारी भी बैठक में शामिल हुए।

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