अंबिकापुर। डी-लिस्टिंग जनजाति गर्जना महारैली की तैयारी को लेकर जनजाति सुरक्षा मंच बतौली द्वारा खंड स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन बतौली में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जनजाति समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा डी-लिस्टिंग के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने की रणनीति तैयार करना रहा।
कार्यशाला में उपस्थित जनजाति सुरक्षा मंच जशपुर के प्रांत सह संयोजक इन्दर भगत ने कहा कि डी-लिस्टिंग का विषय जनजातीय समाज के अस्तित्व, अधिकार और पहचान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी इस आंदोलन की सफलता के लिए अनिवार्य है। कार्यशाला के दौरान महारैली की रूपरेखा, यात्रा, प्रचार-प्रसार की रणनीति, जनसंपर्क अभियान तथा अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को ग्राम स्तर तक संपर्क करके लोगों को जागरूक करने और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिला संयोजक बिहारीलाल उरांव ने जिला स्तर की तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि सांसद बाबा कार्तिक उरांव ने इस विषय को सबसे पहले उठाया, बाद में जनजाति सुरक्षा मंच इस विषय को लेकर सड़क से लेकर संसद तक उठा रहा है। संगठन इस अभियान को पूरा कराने हेतु दृढ़ संकल्पित है। संरक्षक देवनाथ पैंकरा ने समाज से एकजुट होकर महारैली में भाग लेने का आव्हान करते हुए कहा कि समाज की एकता ही सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर इस गर्जना महारैली को ऐतिहासिक एवं सफल बनाएं। कार्यशाला को संरक्षक जवाहर खलखो ने भी संबोधित किया। कार्यशाला का संचालन रज्जू राम एवं आभार प्रदर्शन संयोजक कलमू लड़का ने किया। कार्यशाला में राजेंद्र पैकरा, श्रीराम भगत, राम कैलाश पैकरा, आदिया राम, करमचंद सिंह, सबल साय, बिंदेश्वर भगत, ढोलाराम विनोद पैंकरा, दीपक, सुपारस, जयकरण सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, विष्णु गुप्त, श्रवण कुमार, पारस सचिन भगत, रामबिहारी पैकरा, मनोज, विकाश लकड़ा, अभय प्रकाश, रामदेव पैकरा, भारत राम, जयकरण सिंह, सुरेंद्र कुमार, निरंजन मिंज, गणेश राम, सी.एल. उइके, अमृत राम, संदीप लकड़ा, चंदर लाल मिंज, सतानंद, पूनमचंद उपस्थित रहे।

Spread the love