स्वच्छ वातावरण के बीच मरीजों को मिल रही बेहतर उपचार की सुविधा

बलरामपुर। जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता, आधुनिक उपचार सुविधाओं की स्थापना तथा अस्पताल परिसर में किए गए व्यापक सुधार कार्यों के चलते अब यह अस्पताल जिले के लोगों के लिए भरोसेमंद जिला चिकित्सालय बन चुका है। पहले जहां मामूली रोगों के उपचार के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ता था, वहीं अब अधिकांश सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही मिलने लगी हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिल रही है।
अस्पताल प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक नियमित रूप से ओपीडी में सेवाएं दे रहे हैं। हड्डी रोग, शिशु रोग, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नाक-कान-गला तथा ऑर्थो डॉक्टरों की उपस्थिति से उपचार की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। मरीजों की जांच, परामर्श, भर्ती और आवश्यक ऑपरेशन की प्रक्रिया सुव्यवस्थित तरीके से संचालित हो रही है, जिससे अस्पताल के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ा है।
जिला चिकित्सालय में नेत्र रोग सेवाओं के अंतर्गत मोतियाबिंद ऑपरेशन का कार्य लगातार किया जा रहा है। प्रतिदिन दर्जनों मरीजों के सफल ऑपरेशन होने से बुजुर्गों सहित अन्य रोगियों को स्पष्ट दृष्टि प्राप्त हो रही है। पूर्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को सरगुजा सहित अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में जाना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ के साथ समय और पैसे की भी हानि होती थी। अब स्थानीय स्तर पर ही ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीज लाभान्वित हो रहे हैं।
डायलिसिस यूनिट से मरीजों को बड़ी राहत
किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए अस्पताल में स्थापित डायलिसिस यूनिट वरदान साबित हो रही है। वर्तमान में जिले के लगभग 20 मरीज नियमित रूप से यहां डायलिसिस करा रहे हैं। पहले इन मरीजों को हर सप्ताह अंबिकापुर जाना पड़ता था, जिससे यात्रा की कठिनाई, खर्च और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ता था। अब जिला चिकित्सालय में ही सुरक्षित, प्रशिक्षित स्टाफ की निगरानी में डायलिसिस होने से मरीजों को शारीरिक और आर्थिक दोनों स्तर पर राहत मिल रही है।
आधारभूत ढांचे में सुधार से बदली अस्पताल की तस्वीर
अस्पताल परिसर में हाल के महीनों में नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए गए हैं। वार्डों की व्यवस्था में सुधार, साफ-सफाई की नियमित मॉनिटरिंग, परिसर में सूचना होर्डिंग की स्थापना तथा मरीजों के बैठने और प्रतीक्षा की सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इन प्रयासों से अस्पताल का वातावरण अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और मरीज अनुकूल बना है। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नियमित सफाई अभियान, कचरा नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे मरीजों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। अस्पताल प्रबंधन ने तीनों पहर अस्पताल की सफाई की लाइव लोकेशन फोटो के माध्यम से मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
मरीज और परिजनों में बढ़ा भरोसा
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता और सुविधाओं के विस्तार से अब उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम हो गई है। विशेषकर गरीब और ग्रामीण वर्ग के लिए यह सुविधा आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो रही है। समय पर उपचार मिलने से स्वास्थ्य परिणामों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार डायलिसिस जैसी उन्नत सुविधा तथा स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण अस्पताल में उपलब्ध हो रहा है।
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राजू पहाड़ी कोरवा के चेहरे पर लौटी मुस्कान
राजू पहाड़ी कोरवा की मां लारंगी कोरवा अचानक बीमार पड़ गई। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण चिंता और भी बढ़ गई थी, ऐसे कठिन समय में राजू अपनी माता को जिला अस्पताल बलरामपुर लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें भर्ती किया और नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराई गई। लगभग एक सप्ताह तक चिकित्सकीय निगरानी में उनका उपचार किया गया। नियमित देखभाल और समय पर दवा मिलने से लारंगी कोरवा  की सेहत में सुधार हुआ, जिससे पूरे परिवार ने राहत की सांस ली। राजू कोरवा ने  बताया कि पहले ऐसी स्थिति में मरीज को अंबिकापुर तक ले जाना पड़ता था, जिससे आने-जाने और इलाज में काफी खर्च होता था। अब बलरामपुर जिला अस्पताल में ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से गरीब और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।


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