किसानों को 13 क्विंटल धान बिक्री का नहीं हुआ भुगतान
अंबिकापुर। प्रशासन द्वारा धान खरीदी के समय अवैध तरीके से लाए गए धान को खपाने तथा समितियों में कम धान होने के संदेह पर की गई जांच के दौरान कुंदीकला समिति प्रबंधक व कम्प्यूटर ऑपरेटर पर कराए गए एफआइआर का खामियाजा 34 ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। एफआइआर होने से समिति में मची आपाधापी के कारण किसानों द्वारा बेचे गए एक दिन के धान की ऑनलाइन इंट्री नहीं हो पाई, जिसके कारण अब ग्रामीणों को इसका भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं।
विदित हो कि कुंदीकला सोसायटी में प्रशासन व खाद्य विभाग की टीम द्वारा की गई छापामारी में समिति में खरीदी की गई धान से कम धान पाए जाने पर अधिकारियों द्वारा मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को प्रस्तुत की गई थी इसके बाद कलेक्टर द्वारा एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। 19 जनवरी को कुंदीकला समिति में कुल 38 किसानों को 1738 क्विंटल धान की खरीदी के लिए टोकन जारी हुआ था, उसी दिन समिति प्रबंधक व कंप्यूटर ऑपरेटर पर पुलिस द्वारा अपराध दर्ज किया गया था। एफआइआर दर्ज होने के कारण प्रबंधक व कंप्यूटर ऑपरेटर दोनों ही समिति नहीं पहुंचे, इसके बाद उक्त दिनांक को जारी हुए टोकन की ऑफलाइन खरीदी नोडल अधिकारी व राजस्व विभाग की टीम के द्वारा धान का तौल कराकर, 34 किसानों से कुल 1315.20 क्विंटल धान खरीदा गया।
ऑनलाईन इंट्री के लिए प्रबंधक द्वारा पीसी लॉगिन के लिए ओटीपी प्रदान नहीं करने के कारण उक्त खरीदी का आधार सत्यापन नहीं हो पाया और ऑनलाइन इंट्री भी नहीं हुई। वर्तमान समिति प्रबंधक द्वारा धौरपुर एसडीएम के नाम पत्र प्रेषित करके 19 जनवरी को हुई खरीदी की ऑनलाइन इंट्री हेतु व्यवस्था कराने के संबंध में निवेदन किया है। ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं होने के कारण 19 जनवरी 2026 को धान बेचने वाले 34 किसानों को उनके द्वारा बेचे गए धान की राशि प्राप्त नहीं हो पाई है। समिति प्रबंधक द्वारा पत्र भेजे जाने के बाद भी अब तक ऑनलाइन इंट्री से वंचित किसानों द्वारा आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर व खाद्य विभाग से इस संबंध में कार्रवाई की गुहार लगाते हुए उन्हें बेचे गए धान के पैसे दिलवाने की मांग की है।

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