उदयपुर। विकासखंड के ग्राम पंचायत सायर अंतर्गत चौकी केदमा में रहने वाले एक आदिवासी युवक का धर्म विशेष के रीति-रिवाज अनुसार विवाह की तैयारी इन दिनों सुर्खियों में है, जबकि वधु पक्ष भी हिंदू समाज से है। दोनों के धर्म विशेष की परम्परा के अनुसार विवाह करने के फैसले से स्थानीय हिंदू समाज में रोष है। समाज के कुछ लोगों का मानना है कि विवाह आदिवासी परंपराओं और हिंदू रीति-रिवाजों के खिलाफ है। धर्म विशेष के परम्परा अनुसार होने वाले विवाह को वे अपनी सांस्कृतिक पहचान पर हमला मान रहे हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक मतांंतरण या सांस्कृतिक हस्तक्षेप से जोड़कर देख रहे हैं। अभी तक इस विवाह के संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत या कानूनी पहल की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर हिंदू समाज के लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन की आशंका जताई जा रही है। मामला सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संवेदनशीलता को उजागर करता है। यहां परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
एसडीएम को कराया गया अवगत
विश्व हिंदू परिषद प्रखंड उदयपुर के अध्यक्ष हरिओम सोनी ने बताया कि ऐसे दो-तीन मामले आए हंै। एसडीएम वन सिंह नेताम को फोन से अवगत कराया गया हैं, जांच का आग्रह किया गया है।

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