करीब तीन माह से तहसील के कानूनगो शाखा की व्यवस्था ध्वस्त

अंबिकापुर। शहर के तहसील कार्यालय में स्थित कानूनगो शाखा में भृत्य के स्थानांतरण के बाद करीब ढाई-तीन माह से कार्यालय का काम ठप है। कार्यालय के कानूनगो सहायक ग्रेड-2 को छोटे-छोटे कामों के लिए दौड़ लगाना पड़ रहा है। नकल संबंधित दस्तावेजों के लिए रोजाना लोग कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं और उल्टे पांव वापस लौट रहे हैं। एकमात्र भृत्य के नहीं रहने से यहां की पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। ऐसे में सैकड़ों आवेदन कानूनगो शाखा में पेंडिंग हैं। नकल से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने से राजस्व प्रकरणों को निपटाने में भी विलंब की स्थिति बन रही है। इसकी पुष्टि स्वयं तहसीलदार भी कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक तहसील कार्यालय के कानूनगो शाखा में भृत्य के पद पर विनोद कुशवाहा पदस्थ थे, जिनका स्थानांतरण बीते वर्ष दिसम्बर माह में ही कलेक्टोरेट के दूसरी शाखा में हो गया है। करीब तीन माह होने को हैं, इस कार्यालय में भृत्य की पदस्थापना नहीं हो पाई है, ऐसे में इस कार्यालय में एकमात्र कानूनगो श्रीमती केतन गुप्ता सहायक ग्रेड-2 के ऊपर ही पूरी जिम्मेदारी आ गई है। एक पटवारी, कोटवार को यहां अटैचमेंट में बैठाया गया है, लेकिन इन्हें काम की जानकारी का अभाव है और आवश्यक कार्यों के लिए कानूनगो को ही चक्कर काटना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारी स्वीकारते हैं कि कानूनगो शाखा में कर्मचारी का टोंटा है। स्थानांतरण के पहले उक्त भृत्य ही रिकार्ड रूम से नकल निकालने का काम करता था। इसके जाने के बाद से राजस्व नकल से संबंधित सारे आवेदन धूल खा रहे हैं। नकल की प्राप्ति के लिए चक्कर काटने की नौबत बन रही है। सहायक ग्रेड-2 के द्वारा भृत्य के स्थानांतरण के बाद से होने वाली दिक्कतों से तहसीलदार को अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। कानूनगो का कहना है कि रिकार्ड रूम की चाबी किसी को भी सौंपा नहीं जा सकता है। अगर राजस्व रिकार्ड में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्हें कोटवारों, पटवारी का सहयोग लेने कहा गया, लेकिन रिकार्ड रूम में रखे गए रिकार्डों की जानकारी इन्हें नहीं होने से काफी दिक्कत हो रही है।
नकल के 200 से अधिक आवेदन पेंडिंग
आफिस कानूनगो श्रीमती केतन गुप्ता ने औपचारिक बातचीत में हो रही दिक्कतों को साझा किया और बताया कि वर्तमान में 200 से अधिक नकल से संबंधित आवेदन पेंडिंग हैं। भृत्य के जाने के बाद से रिकार्ड रूम से संबंधित काम पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। दूसरा ऐसा कोई नियमित स्टाफ अभी तक नहीं मिला है, जिसे रिकार्ड रूम की जिम्मेदारी सौंपी जा सके। जिम्मेदारी भरा काम होने के कारण यहां की चाबी किसी भी कर्मचारी को सौंप देना संभव नहीं है।

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