अंबिकापुर। खलिहान के पास पैरा जलाकर शरीर को सेंक रही महिला आग की चपेट में आकर झुलस गई, लम्बे समय तक चले उपचार के बाद स्वजन उसे घर ले आए थे। घटना नवम्बर 2025 की है। 13 जनवरी को पुन: तबियत बिगड़ने पर स्वजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसकी मौत हो गई थी
जानकारी के मुताबिक मणिपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पचफेड़ी परसापाली की मानकुंवर अपने पति छोटू एक्का 38 वर्ष के साथ ग्राम गेरसा महुआपारा गया था। फसल का मिसाई करने के बाद महिला का पति खलिहान के पास ही सो गया था, उसकी पत्नी घर के अंदर सो रही थी। रात में गांव में हाथी आया था, गांव के लोग मिलकर हाथी को भगाने के लिए पटाखा फोड़ रहे थे। पटाखे की आवाज सुनकर मानकुंवर खलिहान में सो रहे पति को उठाने के लिए गई, और पति को उठाने के बाद आग जलाकर तापने लगी। इस बीच उसका पति धान को हाथियों से बचाने के लिए घर के अंदर कर रहा था। धान रखने के बाद छोटू एक्का पुन: खलिहान में सो गया और उसकी पत्नी ठंड से बचने और शरीर को सेकने के लिए पैरा में आग लगाकर ताप रही थी। अचानक पीछे से कपड़े में आग पकड़ लिया और वह खुद को बचाने के लिए चिल्लाने लगी। पत्नी के चिल्लाने की आवाज सुनकर छोटू की नींद खुली और वह समधी और गांव के लोगों के साथ मिलकर आग में जल रही पत्नी को बचाया। आग से झुलसी मानकुंवर को एम्बुलेंस से लेकर स्वजन शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र बतौली पहुंचे, यहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करने पर उसी दिन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के बाद यहां से भी चिकित्सक ने महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया था। डीकेएस अस्पताल रायपुर में चले इलाज के बाद ठीक होने पर परिजन उसे घर लेकर आ गए थे, और घर में ही उपचार चल रहा था। 13 जनवरी की शाम को अचानक तबियत बिगड़ने पर महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लेकर स्वजन पहुंचे, यहां आपातकालीन चिकित्सा परिसर में जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम करके मृतिका के शव का पोस्टमार्टम कराया है।  

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