तीन जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों सहित 40 वीरों पर शोध

अंबिकापुर। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय समारोह का भव्य समापन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मुख्य आतिथ्य में हुआ। जनजातीय गौरव दिवस के प्रथम दिवस 19 नवंबर को आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में सरगुजा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरहरी के व्याख्याता अजय कुमार चतुर्वेदी को विशिष्ट सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान छत्तीसगढ़ शासन आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा एवं आदिम जाति अनुसंधान संस्थान रायपुर की संचालक हिना अनिमेष नेताम द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में श्री चतुर्वेदी ने ‘सरगुजा अंचल की जनजातियों का स्वतंत्रता संग्राम में योगदानÓ विषय पर अपना प्रभावी शोध-पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सरगुजा अंचल से तीन प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं, जिनका आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।  उन्होंने सरगुजा के 40 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की खोज कर उनके जीवन-वृत्त पर पुस्तक का लेखन किया है। राष्ट्रीय संगोष्ठी में सरगुजा कलेक्टर विलास भोसकर भी उपस्थित रहे। इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के 9 ख्यातिलब्ध विद्वानों ने अपने शोध-पत्रों का वाचन किया, जिससे कार्यक्रम ज्ञानपूर्ण और शोध-संपन्न बन गया। अजस चतुर्वेदी को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों हेतु पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पूर्व वे राज्य शिक्षक सम्मान 2010 के अंतर्गत राज्यपाल द्वारा सम्मानित हो चुके हैं। अजय कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि जनजातीय समाज के संघर्ष, संस्कृति और स्वतंत्रता में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्वरूप देना उनका निरंतर प्रयास है, यह सम्मान उसी दिशा में प्रेरक ऊर्जा प्रदान करता है।  

Spread the love