नगर निगम क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर लगने लगा प्रश्नचिन्ह

अंबिकापुर। शहर को गड्ढों से निजात दिलाने की कवायद तेजी के साथ शुरू हो गई है। नाली और सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए जगह-जगह आवश्यक संसाधनों के साथ मजदूर काम करते नजर आ रहे हैं। ऐसे में धूल-धुसरित अंदरूनी सड़कों से निजात तो मिलेगी, लेकिन ये सड़कें कितने दिन के लिए उपयोगी होंगी, इसे लेकर आरोपों के साथ सवाल उठ रहे हैं। कारण पुरानी सड़क को उखाड़े बिना धूल उड़ाकर किया जा रहा निर्माण है।  
बता दें कि नगर निगम क्षेत्र के सड़क की बदतर हालात और चहुंओर वाहनों के आने-जाने से उड़ती धूल व वाहनों में टूट-फूट से आम लोगों का गुस्सा परवान पर था। इंटरनेट मीडिया तक में तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आ रही थी। उड़ते धूल और गड्ढों की तस्वीर अखबारों की सुर्खियां बन रही थी। बारिश के पानी से लबालब भरे गड्ढे देखकर ही लोग सिहर उठते थे। वाहनों के आने-जाने से कीचड़, मिट्टी युक्त पानी के छींटे आम राहगीरों और दोपहिया चालकों के कपड़े को बदरंग कर रहे थे। बरसात की समाप्ति के बाद उड़ती धूल से बीमारियों का खतरा बढ़ गया था, वहीं स्कूल पहुंचते तक बच्चों का गणवेश मटमैला हो रहा था। बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए जाने वाले अभिभावक भी इस संताप को झेलते निगम की सरकार को कोस रहे थे। निगम द्वारा कराए गए करोड़ों के टेंडर के बाद यहां निर्माण का कार्य प्रारंभ तो हुआ परंतु पुरानी सड़क पर निर्माण देखकर लोग निर्माण की गुणवत्ता को सवालों के घेरे में ले रहे हैं। सत्तीपारा इलाके में बन रही सड़क को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम द्वारा ठेकेदार के माध्यम से बनवाए जा रहे सड़कों का हाल यह है कि ना तो पुराने क्षतिग्रस्त सड़क को ठीक से साफ किया जा रहा है और ना ही उस पर ठीक से कोलतार डाला जा रहा है। सड़क पर जो नया डामरीकरण किया जा रहा है वह भी घटिया स्तर का प्रतीत हो रहा है क्योंकि निर्माण के दो-तीन दिन में ही चार पहिया वाहनों के गुजरने से सड़क की तस्वीर बदल जा रही है। अगर ऐसा ही निर्माण जारी रहा तो फिर से नई सड़कों के निर्माण का खाका तैयार करना पड़ेगा।

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