Category: ब्रेकिंग न्यूज़

जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज निधि का हिस्सा

मुख्यमंत्री श्री साय की घोषणा का हुआ पालनरायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की…

वनांचल के बेटे ने बढ़ाया प्रदेश का मान, आईएफएस बनकर रचा नया इतिहास

तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह से लेकर भारतीय वन सेवा तक का प्रेरक सफरसरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं ने अजय के सपनों को…

सांसद ने एनएच-343 के अफसरों को उड़ती धूल का वीडियो पोस्ट करके सच दिखाया  

निर्माणाधीन सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं होने से आमजन परेशान, आवागमन में हो रही दिक्कत बलरामपुर। नेशनल हाईवे 343,…

अस्पताल में हुआ बच्ची का जन्म, घर लौटी महिला चक्कर खाकर गिरी, हो गई मौत

अंबिकापुर। प्रसव के बाद जन्म ली बच्ची के साथ स्वस्थ हालत में घर लौटी महिला को चक्कर आया, स्वजन उसे…

पड़ोसियों ने ही सूने मकान से पार किया था नकदी, बाइक और जेवरात

चोरी की रकम का दारू-बकरा में उपयोग, आदतन बदमाश सहित 2 गिरफ्तार अंबिकापुर। कोतवाली थाना पुलिस ने चोरी के मामले…

पीटीएस मैनपाट का 12वें दीक्षांत समारोह में 83 नवआरक्षकों ने ली कर्तव्यनिष्ठा की शपथ

आईजी सरगुजा रेंज ने बुनियादी प्रशिक्षण दौरान विभिन्न विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त नौजवानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया अंबिकापुर।…

उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने दुकानों एवं गोदामों का औचक निरीक्षण करके करें कार्रवाई

कलेक्टर की अध्यक्षता में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपनअंबिकापुर। कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष…

सतरंगी सरगुजा: जहां ‘कमल दलÓ में उतरती हैं गंगा मैया  

अनोखा है यहां का ‘कठपुतली ब्याहÓ और ‘दसराहाÓ मेला भारत में गंगा, गोदावरी, यमुना, सरस्वती और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियों को…

राजनांदगांव का ग्राम घुपसाल बना मिसाल- कम पानी वाली फसलों से बढ़ा भू-जल स्तर, संकट से मिली मुक्ति

किसानों की सामूहिक पहल रंग लाई, धान के बदले मक्का, दलहन और तिलहन फसलों को अपनाकर सुधारी गांव की सेहतरायपुर,…

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण का किया निरीक्षण, बैठक लेकर की प्रगति की गहन समीक्षा

भोरमदेव मंदिर के इतिहास की झलक दिखे संग्रहालय में – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मापरियोजना के हर हिस्से के ठेकेदार…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।