Category: ब्रेकिंग न्यूज़

गोपाल वर्मा ने जनगणना में सहयोग के लिए जिलेवासियों का जताया आभार

दो चरणों में हो रही है जनगणना, पहला चरण था मकान सूचीकरणफरवरी 2027 में चलेगा जनसंख्या गणना का दूसरा चरणकवर्धा,…

महिला आयोग की सदस्य दीपिका सोरी ने किया इमली प्रोसेसिंग केंद्र का औचक निरीक्षण

30 से अधिक महिलाओं को मिला स्थानीय रोजगारस्वरोजगार योजनाओं से आत्मनिर्भर बन रहीं बस्तर की ग्रामीण महिलाएंरायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की…

गांवों में अमराई की परंपरा पुनर्जीवित करने की जरूरत: बृजमोहन अग्रवाल

आम प्रदर्शनी में शामिल विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रादर्शाें को किया गया पुरस्कृत कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय आम…

मन की बात में गूंजा छत्तीसगढ़ का गौरव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – यह प्रदेश की प्रतिभा और विरासत को राष्ट्रीय सम्मान मिलने का क्षण’

’प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवा धावक अनिमेष कुजूर की ऐतिहासिक उपलब्धि और मल्हार की सांस्कृतिक धरोहर का किया उल्लेख’’मुख्यमंत्री…

युवाओं के लिए तकनीकी क्रांति की सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण

छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार और तकनीकी रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ी पहलरायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने…

जनता के प्रति संवेदनशीलता ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बेमेतरा में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की हुई व्यापक समीक्षामुख्यमंत्री हेल्पलाइन को जनसमस्याओं…

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा को दी 105 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

सड़क, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और आधारभूत अधोसंरचना को मिली नई मजबूतीविकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का संकल्प…

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वादबैलगाड़ी में निकली बारात, 21 जोड़े बंधे परिणय सूत्र मेंबेमेतरा में नर्सिंग कॉलेज की घोषणारायपुर,…

बैंक खाता खुलवाकर साइबर अपराध के लिए 5-5 हजार रुपये में बेचने वाले गिरफ्तार

अंबिकापुर। गांधीनगर थाना पुलिस ने म्यूल अकाउंट के दो प्रकरणों में 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों म्यूल…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।