Category: ब्रेकिंग न्यूज़

दूषित पानी की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, पीलिया के 42 मरीज मिले

मोमिनपुरा इलाके में जांच के दौरान पानी के नमूनों में बैक्टीरियल लोड पाया गयाअंबिकापुर। शहर के मोमिनपुरा क्षेत्र में पीलिया…

स्वीपर करा रहा था प्रसव, बच्चे की हो गई मौत, डॉक्टर और स्टाफ की कमी सामने आई

लखनपुर। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुन्नी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वीपर के द्वारा गर्भवती महिला का…

एसएसपी ने जनरल परेड की सलामी ली, बेहतर टर्नआऊट पर दिया ईनाम

अंबिकापुर। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा ने जनरल परेड की सलामी लेकर बेहतर टर्नआऊट वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को ईनाम देकर प्रोत्साहित किया।…

स्कार्पियो वाहन लूट के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार

अंबिकापुर। स्कार्पियो वाहन लूट के मामले में पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय आरोपी को साइबर सेल एवं थाना दरिमा पुलिस टीम…

बाइक से गिरकर घायल हुए 12वीं की परीक्षा देने जा रहे एक छात्र की मौत, दूसरा गंभीर

अंबिकापुर। सरगुजा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में शुक्रवार की सुबह 12वीं बोर्ड का पहला पेपर देने निकले दो…

पीजी कॉलेज में अर्थशास्त्र विभाग द्वारा तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन

अंबिकापुर। राजीव गांधी शासकीय पीजी कॉलेज में विगत तीन दिनों से चल रही अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन क्रांतिवीर तात्या टोपे…

अंबिकापुर से दिल्ली सीधी हवाई सेवा के लिए एलायंस एयर ने शेड्यूल किया जारी  

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा की शुरुआत क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण…

अंबिकापुर-बनारस मुख्य मार्ग पर बर्थडे मनाने व आतिशबाजी करने वाले 7 गिरफ्तार

। अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर यातायात बाधित कर जन्मदिन मनाते हुए आतिशबाजी करने वाले 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया…

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा

छत्तीसगढ के हजारों युवाओं को मिलेगा सरकारी नौकरी में अवसर रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता एवं…

राज्यपाल डेका ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने समस्त देशवासियों को…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।