Category: छत्तीसगढ़

विद्युत अव्यवस्था के विरोध में फूटा आक्रोश, युवा कांग्रेस ने दफ्तर में हल्ला बोला

एक सप्ताह में व्यवस्था नहीं सुधरने पर शहर के सभी विद्युत कार्यालयों का होगा घेराव अंबिकापुर। सरगुजा संभाग व मुख्यालय…

महिला की दिनदहाड़े घर में घुसकर हत्या, स्निफर डॉग के साथ पुलिस टीम कर रही जांच

दीवार मेें मिले खून के छींटे, आरोपी के तलाश में जुटी पुलिस अंबिकापुर। सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत…

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन एवं टीबी मुक्त पंचायत अभियान में सरगुजा जिला दूसरे स्थान पर

अंबिकापुर। स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के अटल बिहारी बाजपेयी ऑडिटोरियम में बुधवार को राज्य स्तरीय सम्मान समारोह…

कलेक्टर और जिपं सीईओ ने दूरस्थ गांवों का दौरा करके आवेदकों से लिया फीडबैक

हितग्राहियों को सौंपे स्वीकृति प्रमाण पत्र, शासन की योजनाएं पहुंच रही घर-घर अंबिकापुर। कलेक्टर विलास भोसकर एवं जिला पंचायत सीईओ…

एएसआई एवं आरक्षक को सेवानिवृत होने पर दी गई भावभीनी विदाई

अंबिकापुर। सेवानिवृत सहायक उप निरीक्षक एवं आरक्षक की अर्द्धवार्षिकी आयु पूर्ण होने के बाद भावभीनी विदाई दी गई। इस दौरान…

दहेज के लिए प्रताड़ित करने वाला आरोपी पति गिरफ्तार, नवविवाहिता कर ली थी खुदकुशी

अंबिकापुर। दहेज के लिए हत्या के मामले में बतौली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार…

धैधैर्य के साथ सही दिशा में परिश्रम करने से कठिन परिस्थितियों में भी मिलती है सफलतावरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने यूपीएससी परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों का किया सम्मान

धैधैर्य के साथ सही दिशा में परिश्रम करने से कठिन परिस्थितियों में भी मिलती है सफलतावरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने यूपीएससी…

गुंडा व निगरानी बदमाशों पर रखें पैनी नजर, नए बदमाशों का नाम सूची में जोड़ेंक्राइम मीटिंग में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने की लंबित मामलों की समीक्ष

अंबिकापुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने अपने कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के पुलिस राजपत्रित अधिकारियों सहित सभी थाना,…

सुशासन तिहार में हितग्राहियों को रोजगार के लिए मिला जॉब कार्ड

अंबिकापुर। राज्य सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार आम नागरिकों के लिए समस्याओं का निराकरण लेकर आई है। जिले के जनपद…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।