Category: छत्तीसगढ़

जिपं सीईओ ने सीतापुर में विकास योजनाओं की समीक्षा करके आवेदनों के निराकरण का दिया निर्देश

अंबिकापुर। जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में गुरूवार को जनपद पंचायत सीतापुर के सभाकक्ष में सीतापुर एवं…

हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरण, शौचालय निर्माण के लिए दिया था आवेदन

अंबिकापुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अभिनव पहल पर सुशासन तिहार 2025 आम नागरिकों के लिए समस्याओं का समाधान लेकर…

परित्यक्त जीवन से प्रेरणा की मिसाल बनी बालेश्वरी, बिहान का मिला सहारा

बैंक सखी सेे 11 करोड़ का किया लेन-देन अंबिकापुर। गांव की गलियों से निकलकर सैकड़ों महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन की मिसाल…

शासकीय कन्या शिक्षा परिसर में प्रवेश हेतु 15 मई से 13 जून तक आवेदन

अंबिकापुर। शासकीय कन्या शिक्षा परिसर के प्राचार्य ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के…

सरपंच-सचिवों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला सह स्वच्छता संवाद का आयोजन 5 को

अंबिकापुर। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ठोस व प्लास्टिक अपशिष्ट…

एसीबी ने सरगुजा व सूरजपुर जिले में 3 शासकीय सेवकों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया

उदयपुर में स्वास्थ्य विभाग का लेखापाल और संगठक 10 हजार, सूरजपुर में पटवारी 20 हजार रुपये लेते गिरफ्तार अंबिकापुर। एंटी…

छत्तीसगढ़-झारखंड सरहद पर सड़क निर्माण कार्य का देखरेख करने वाले मुंशी की गोली मारकर हत्या  

बुधवार को देर रात नक्सलियों ने वारदात को दिया अंजाम, जेसीबी और पोकलेन भी जलाया अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ और झारखंड की…

मंगेतर की हत्या के मामले में पे्रेमी-प्रेमिका गिरफ्तार, 6 मई को होना था विवाह

आरोपियों के निशानदेही पर जंगल में दफन शव को बरामद की पुलिस अंबिकापुर। सरगुजा जिला के बतौली थाना क्षेत्र अंतर्गत…

नेटबॉल खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए ट्रायल में लिया भाग

अंबिकापुर। नेटबॉल स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की नेटबॉल टीम 2025-26 सत्र के सभी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेंगी। इसके लिए बुधवार…

भगवान परशुराम की जयंती पर शहर में निकली भव्य शोभायात्रा

अंबिकापुर। सरगुजा सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम की जयंती गुरुवार को धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर केनाबांध…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।