Category: छत्तीसगढ़

जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में बाल प्रतिभाओं ने किया शानदार प्रदर्शन

शेषरतन जायसवाल बने ओपन वर्ग चैंपियन, विजेताओं को किया गया सम्मानित बलरामपुर। जिला ग्रंथालय भवन बलरामपुर में आयोजित जिला स्तरीय…

सह प्रभारी उप पंजीयक निलंबितफोटो-निलम्बन का मोनो   बलरामपुर-रामानुजगंज जिला के विकासखण्ड राजपुर के ग्राम भेसकी में फर्जी तरीके से भूमि बिक्री एवं पहाड़ी कोरवा के मृत्यु के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर के द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर सरगुजा संभागायुक्त ने तत्कालीन तहसीलदार एवं प्रभारी उप पंजीयक राजपुर यशवंत कुमार को निलंबित कर दिया है।जांच रिपोर्ट में पाया गया कि तत्कालीन तहसीलदार एवं प्रभारी उप पंजीयक राजपुर यशवंत कुमार के द्वारा ग्राम भेसकी निवासी जुबारो की जमीन का क्रेता शिवाराम के मध्य पंजीकृत विक्रयनामा निष्पादित किया गया। सह खातेदार की भूमि होने के कारण पंजीयक द्वारा संपत्ति अंतरण अधिनियम पर विचार-विमर्श के बिना पंजीयन नहीं किया जा सकता है। विक्रेता पहाड़ी कोरवा विशेष जनजाति समुदाय का व्यक्ति है और कलेक्टर सरगुजा के आदेश के द्वारा पहाड़ी कोरवा, पण्डो, मझवार तथा मांझी जनजाति की भूमि सक्षम अधिकारी के पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना खरीदी-बिक्री नहीं की जा सकती है। इस प्रकार जुबारो की जमीन को क्रेता एवं अन्य के साथ मिलकर संयुक्त खाते की भूमि को छलपूर्वक एवं धोखाधड़ी कर संगठित अपराध किया जाना पाया गया है। तत्कालीन प्रभारी उप पंजीयक यशवंत कुमार के द्वारा उक्त आदेश का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विरूद्ध है। इस संबंध में सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा के द्वारा तत्कालीन तहसीलदार एवं प्रभारी उप पंजीयक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) (ख) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और इनका मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर सूरजपुर, जिला सूरजपूर नियत किया गया है। निलंबन अवधि में इन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

स्वीकृति के बाद भी विद्युत विभाग सब स्टेशन शुरू करने नहीं लिया रूचि

भाजपा मंडल अध्यक्ष ने 3 ग्राम पंचायतों की बिजली समस्या की ओर दिलाया ध्यान भैयाथान। भारतीय जनता पार्टी के मंडल…

बाइक नहीं देने पर ससुराल गए युवक के साथ मारपीट, अस्पताल में चल रहा उपचार

अंबिकापुर। बाइक नहीं देने पर शादी समारोह में ससुराल गए युवक से जमकर मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया…

मजदूरी का पैसा मांगने पर पहाड़ी कोरवा से जातिगत गालीगलौज, मारपीट

अंबिकापुर। मजदूरी का पैसा मांगने गए पहाड़ी कोरवा युवक के साथ जातिगत गालीगलौज करते हुए मारपीट करने के मामले में…

शासकीय जमीन पर कब्जा करके स्कूल खोलने के बाद शासकीय स्कूल का अहाता तोड़ा

प्रधान पाठक ने निजी स्कूल के संचालक के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कराया अंबिकापुर। निजी स्कूल के संचालक ने स्वयं के…

हाईवा के चालक ने शादी से लौट रहे इको वाहन सवारों को ठोंका, 3 महिलाएं घायल

अंबिकापुर। वैवाहिक समारोह में जाने के लिए निकले इको वेन में सवार लोगों को हाईवा वाहन का चालक लापरवाही पूर्वक…

युवती फांसी लगाकर की थी खुदकुशी, पति के विरूद्ध मामला दर्ज

अंबिकापुर। युवती के द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी करने के मामले में उदयपुर थाना पुलिस ने आरोपी पति के विरूद्ध आत्महत्या…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।