Category: छत्तीसगढ़

DKS में शुरू होगा लिवर-किडनी ट्रांसप्लांट, उपकरणों के लिए 6 करोड़ स्वीकृत

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुसार छत्तीसगढ़ बहुत जल्द स्वास्थ्य के मामलों में वैश्विक सुविधाएं देने वाला…

Kolkata Lady Doctor Murder: पॉलीग्राफ टेस्ट से भी नहीं सुलझी आरजी कर कांड की गुत्थी, संजय रॉय के जवाब से खड़े हो गए कई सवाल

कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लेडी डॉक्टर के साथ रेप और फिर बेहद बेरहमी से…

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उत्कल समाज की बहुलता वाले जिलों में ऋषि पंचमी-नुआखाई के दिन की अवकाश की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के गॉस मेमोरियल मैदान में महापर्व नुआखाई के अवसर पर उत्कल…

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री साय बिलासपुर जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बुधवार 4 सितंबर को बिलासपुर जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।…

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी होने के बाद छत्‍तीसगढ़ लौटे IAS अमित कटारिया

रायपुर । आईएएस अमित कटारिया केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी होने के बाद पांच साल बाद फिर छत्‍तीसगढ़ लाैट आए हैं। उन्होंने…

नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिलने पर डिप्टी सीएम शर्मा ने जवानों को दी बधाई

रायपुर । दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 9 नक्सलियों को मार गिराया है। इस महत्वपूर्ण…

BPSC 70th Exam : बीपीएससी 70वीं में 800 पदों पर होगी भर्ती, सप्ताह भर में जारी हो सकता है नोटिफिकेशन

BPSC 70th CCE Exam : बीपीएससी 70वीं सीसीई भर्ती परीक्षा में 800 सौ से अधिक पदों के लिए विज्ञापन जारी…

Stocks To Buy: एक्सपर्ट्स के 6 पसंदीदा स्टॉक्स से मिलेगा कमाई का मौका, टारगेट-स्टॉपलॉस जानिए

हफ्ते के दूसरे कारोबारी सेशन में भारतीय शेयर बाजार सपाट स्तर पर खुला. मंगलवार को निफ्टी 4.80 अंकों की मामूली…

स्वास्थ्य मंत्री को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में EPPI Con 2024 में शामिल होने का निमंत्रण

रायपुर । स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को 10 से 22 सितंबर तक स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित होने वाले EPPI…

You missed

प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।