Category: छत्तीसगढ़

पहाड़ी कोरवा बसाहटों को सीधे मुख्य सड़कों से जोड़ने सड़क निर्माण कार्य शुरू

प्रथम चरण में 189.43 किमी व द्वितीय चरण में 148.99 किमी लंबी सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया भारत…

कैंडल मार्च निकालकर शिक्षिका स्व. हेमा सिंह को दी श्रद्धांजलि

बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों ने भविष्य की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कीअंबिकापुर। बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों ने शहर में…

राजस्व मंडल के आदेशों में आवेदकों ने की कूटरचना

कलेक्टर ने संबंधितों पर एफआईआर कराने के दिए निर्देशअंबिकापुर। फर्जी आदेशों का मामले संज्ञान में आने पर कलेक्टर विलास भोसकर…

लापता राजमिस्त्री का कंकाल बरामद, पुलिस कराएगी डीएनए टेस्ट

हत्या के बाद पानी टंकी के फांउडेशन में दफनाया था शव, पुलिस पूछताछ में खुला राजअंबिकापुर। सरगुजा जिला के सीतापुर…

होलीक्रॉस अस्पताल में सेफ्टी पंचेस का प्रदर्शन कर आत्मरक्षा के बताए गुर

अस्पताल परिसर में सुरक्षा और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के लिए पुलिस की पहलअंबिकापुर। पुलिस अधीक्षक सरगुजा के निर्देशन में…

देश-विदेश में क्रिकेट खिलाने के नाम पर उत्तर प्रदेश के युवक से 15.38 लाख की ठगी

अंबिकापुर। क्रिकेट संघ केे माध्यम से देश-विदेश में क्रिकेट खिलाने का झांसा देकर उत्तर प्रदेश के एक युवक से 15…

छत्तीसगढ़ में BSNL की बढ़ती लोकप्रियता, 4G टावर लगने से उपभोक्ता आधार में बढ़ोतरी

रायपुर । छत्तीसगढ़ में BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) के मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे…

अब 5 घंटे में तय होगा रायपुर से विशाखापट्टनम का सफर…

छत्तीसगढ़ में दूसरी वंदेभारत ट्रेन की तैयारी बिलासपुर । छत्तीसगढ़ से नागपुर जाने वाली वंदेभारत ट्रेन के बाद, रेलवे अब…

टॉपर छात्रों को मुख्यमंत्री से मुलाकात, दिल्ली दर्शन और मिलेगा लैपटॉप

विधायक रेणुका सिंह ने की शिक्षक दिवस पर बड़ी घोषणा गत वर्ष की टॉपर दो छात्राओं को सौंपी स्कूटी मनेन्द्रगढ़…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।