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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गिरौदपुरी मेला में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गिरौदपुरी धाम में आयोजित गुरुदर्शन मेला के पहले दिन गुरु गद्दी का दर्शन एवं…

पत्रकारों ने बजट में विशेष प्रावधान करने के लिए जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य…

कांग्रेस के 15 नवनिर्वाचित पार्षदों व 01 निर्दलीय पार्षद ने पद और गोपनीयता की ली शपथ

सीएम के मौजूदगी में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत नहीं किए थे कांग्रेस के पार्षदअंबिकापुर। नगर निगम अंबिकापुर…

ताइक्वांडो सिटी लीग महिला प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों की बालिकाएं हुई शामिल

अंबिकापुर। बालिकाओं में खेल की अभिरुचि बढ़ाने और उनके प्रोत्साहन हेतु भारतीय खेल प्राधिकरण भारत सरकार के तत्वाधान में छत्तीसगढ़…

पीजी कॉलेज में परीक्षा का समय सारिणी घोषित करना सवालों के घेरे में

आजाद सेवा संघ ने प्राचार्य से छात्रहित में निर्णय लेने सौंपा ज्ञापनअंबिकापुर। सरगुजा संभाग के सबसे बड़े राजीव गांधी पीजी…

एसपी ने पुलिस अधिकारियों के पदस्थापना स्थल में फेरबदल का आदेश जारी किया

अंबिकापुर। पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से 02 निरीक्षक, 05 उपनिरीक्षकों व 01 सहायक उपनिरीक्षक के पदस्थापना स्थल में…

प्रधान आरक्षक के साथ बेरहमी से मारपीट, अचेत होने पर छोड़कर भागे

महिला प्रधान आरक्षक का मोबाइल छीनकर फेंका, 03 आरोपियों को गिरफ्तार की पुलिसअंबिकापुर। वारंटियों की तलाशी के साथ अपने कर्तव्य…

छत्तीसगढ़ में पहली बार हस्तलिखित बजट पेश, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किए हस्ताक्षर

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया।…

शहरों के चहुंमुखी विकास में स्थानीय निकायों का भरपूर सहयोग करेगी सरकार – अरुण साव

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव आज भाटापारा नगर पालिका के नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों…

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों पर मंत्रिपरिषद की उपसमिति की बैठक सम्पन्न

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में आज विधानसभा के समिति कक्ष में विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।