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राज्यपाल का काफिला निकलते ही इनोवा वाहन के चालक ने महिला को उड़ाया, इलाज दौरान हुई मौत

ग्राम पंचायत बिसरपानी से पहुंचे ग्रामीणों ने अस्पताल में मचाया हंगामा, 10 लाख रुपये मुआवजा व नौकरी की मांगअंबिकापुर। राज्यपाल…

प्रेमिका से मिलने स्कूटी से अंबिकापुर आ रहे युवक ने योजनाबद्ध तरीके से सूने मकान में की चोरी

पुलिस ने आरोपियों को रायपुर से गिरफ्तार किया, चोरी गए सामानों को बरामद की पुलिसअंबिकापुर। सूने मकान से चोरी के…

अंबिकापुर और बिलासपुर की एसीबी टीम ने 03 लोकसेवकों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया

वारिसान के नाम का प्रस्ताव बनाने वन विभाग के बाबू ने लिया 10 हजारजमीन का जांच करके चौहद्दी बनाने पटवारी…

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विधायक गुरु खुशवंत साहेब को दी जन्मदिन की बधाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने सौजन्य मुलाकात की।…

छत्तीसगढ़ में आस्था को मिला नया संबल : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन को तिरुपति, मदुरै और…

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के बिलासपुर दौरे की तैयारियों का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर लिया जायजा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च को बिलासपुर जिले के बोदरी तहसील स्थित ग्राम मोहभठ्ठा में प्रस्तावित विशाल जनसभा…

सड़क चौड़ीकरण के लिए लोगों का घर तोड़ने के बजाए वैकल्पिक उपायों पर ध्यान देना चाहिए-सिंहदेव

अंबिकापुर। पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने कहा है कि सुगम यातायात के लिए लोगों का घर तोड़कर सड़क…

महापौर से मुलाकात कर नगर के सर्वांगीण विकास में सहभागिता का रखा प्रस्ताव

अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस एवं जिले के स्वैच्छिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में संचालित नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श…

गर्भवती युवती द्वारा खुदकुशी के मामले में पुलिस ने प्रेमी युवक को गिरफ्तार किया

अंबिकापुर। बलरामपुर जिला के राजपुर थाना अंतर्गत बिन ब्याही गर्भवती युवती के द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी करने के मामले में…

अभाविप के कार्यकर्ता शोर-शराबा मचाते विवि के गेट तक पहुंचे, कुलपति को ज्ञापन सौंपा

अंबिकापुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गुरूवार को संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय के पुराने भवन में पहुंचकर कुलसचिव को ग्राम…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।