ऑक्सीजन के अभाव में मरीज की मौत के मामले में जांच दौरान सामने आया यह तथ्य, चिकित्सक व नर्सों पर दण्ड अधिरोपित
सीसीटीव्ही फुटेज व मिले साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जांच प्रतिवेदन सामने लाया
अंबिकापुर। राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय अंबिकापुर में 26.07.2024 को मेल मेडिकल वार्ड में इलाज के दौरान रामचन्द्र ठाकुर 50 वर्ष, निवासी ग्राम बांसपारा जिला सूरजपुर की मृत्यु हो गई थी। मौत के बाद स्वजनों ने आरोप लगाया था कि बार-बार आग्रह करने के बाद भी नर्सों ने ऑक्सीजन के नोजल को सही नहीं किया और ऑक्सीजन के अभाव में मरीज दम तोड़ दिया। स्वजन ने अस्पताल स्टाफ के रूखे व्यवहार को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। मामला सुर्खियों में आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से जांच समिति का गठन किया गया था। जांच प्रतिवेदन पर जांच समिति एवं संस्था स्तर के अनुशासन समिति ने संयुक्त रूप से प्रकरण की जांच की। अस्पताल प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार प्राप्त साक्ष्यों एवं सीसीटीव्ही फुटेज का जब अवलोकन किया गया तो इसमें मरीज के स्वजन ऑक्सीजन के सेंट्रल लाइन से छेड़छाड़ करते स्पष्ट दिखाई पड़ रहे हैं। यही नहीं गंभीर मरीज को अपनी मर्जी से ऑक्सीजन मॉस्क हटाकर शौचालय ले जाते हुए नजर आ रहे हैं, जो संभवत: उक्त दु:खद घटना का एक कारण हो सकता है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रतिवेदन के आधार पर घटना से संबंधित वार्ड में उपस्थित चिकित्सक एवं तीनों नर्सिंग स्टाफ के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है और दण्ड अधिरोपित किए गए हैं।
चिकित्सक पीजी छात्र व तीन स्टाफ नर्सों के विरूद्ध अधिरोपित दण्ड
* घटना के समय वार्ड में मौजूद चिकित्सक पीजी का छात्र रहा, इस कारण छात्रों की अनुशासन समिति की अनुशंसा अनुसार मरीजों के प्रति संवेदनशीलता एवं तत्परता में कमी को देखते हुए उनके पीजी प्रशिक्षण की अवधि को एक माह बढ़ाते हुए उन्हे चेतावनी पत्र जारी किया गया है। साथ ही भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति ना हो, इस हेतु शपथ पत्र द्वारा कार्य क्षमता, तत्परता एवं मरीजों के प्रति सदव्यवहार संबंधित वचन पत्र लिया गया है।
* संस्था की अनुशासन समीति के अनुमोदन अनुसार तीनों स्टाफ नर्सो के असंवेदनशील रवैये को भी सख्ती से लेते हुए उनके परिवीक्षा अवधि को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है एवं तीनों को चेतावनी पत्र जारी करते हुए भविष्य में संवेदनशील व्यवहार करने एवं तत्परता बरतने के संबंध में शपथ पत्र लिया गया है। अधिष्ठाता की अध्यक्षता में अधिरोपित उक्त दंडात्मक कार्रवाई संबंधित समस्त कार्यालयीन औपचारिकताए पूर्ण कर ली गई हैं।

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