5 से 12 नवंबर तक जेलों में विशेष निगरानी, रात्रिकाल में जिम्मेदार अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य

सीसीटीवी से होगी सतत निगरानी, क्विक रिस्पांस टीम 24 घंटे रहेगी अलर्ट, अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश पर रोक

एमसीबी। आगामी त्योहारों के मद्देनजर प्रदेश की सभी जेलों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। जेल मुख्यालय ने सभी जेल अधीक्षकों एवं प्रभारियों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। विशेष रूप से 05 से 12 नवंबर 2026 तक जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने तथा अधिकारियों-कर्मचारियों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रतिबंधित सामग्री की रोकथाम के लिए सघन तलाशी के निर्देश

जारी निर्देशों के अनुसार जेल परिसर, बैरकों एवं बंदियों तक किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित, आपत्तिजनक अथवा अनधिकृत सामग्री या व्यक्ति की पहुंच रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। जेल में प्रवेश करने वाले अधिकृत व्यक्तियों एवं सामग्रियों की भी सघन तलाशी और जांच की जाएगी। जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए तथा पूर्व में शासन एवं जेल मुख्यालय द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।

सीसीटीवी निगरानी और क्विक रिस्पांस टीम रहेगी सक्रिय

जेलों के प्रत्येक हिस्से की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। खराब सीसीटीवी कैमरों को तत्काल दुरुस्त कराने तथा निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने को कहा गया है। इसके साथ ही जेलों में गठित क्विक रिस्पांस टीम को चौबीसों घंटे अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। जेल अधिकारियों को अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने तथा बंदियों के जेल अभिरक्षा से फरार होने जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

रात्रिकाल में अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य, अवकाश पर रोक

जारी आदेश के अनुसार 05 नवंबर से 12 नवंबर 2026 तक रात्रिकाल में जेलों में जिम्मेदार अधिकारियों की स्वयं उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। सभी ड्यूटी रात प्रहरियों को पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। जेल अधीक्षक एवं प्रभारी समय-समय पर जेल परिसर का आकस्मिक निरीक्षण और तलाशी भी लेंगे। इस अवधि में किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी को अवकाश पर नहीं छोड़ा जाएगा। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनकी सेवाएं ली जा सकें।

सुरक्षा में लापरवाही पर जेल अधीक्षक की होगी जिम्मेदारी

जेल मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि जेलों की सुरक्षा, अनुशासन और कानून व्यवस्था बनाए रखना संबंधित जेल अधीक्षक की जिम्मेदारी होगी। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर जेल अधीक्षक को जिम्मेदार माना जाएगा। साथ ही जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मर्यादित आचरण बनाए रखने तथा अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। जेल प्रशासन को स्थानीय जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के साथ सतत समन्वय बनाए रखने के लिए भी कहा गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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