वैध अनुज्ञा पत्र की आड़ में धान की हेराफेरी की आशंका, मंडी अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

उत्तर बस्तर कांकेर। राज्य शासन की मंशानुरूप समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने तथा अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी और जांच की जा रही है। इसी कड़ी में आज अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भानुप्रतापपुर अनिकेत अशोक फड़तरे के नेतृत्व में राजस्व, खाद्य, सहकारिता एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने कृषि उपज मंडी समिति बालोद के अंतर्गत आने वाले क्रेता व्यापारी राज हंस राइस इंडस्ट्रीज, संबलपुर के व्यावसायिक परिसर का औचक निरीक्षण किया।

एसडीएम भानुप्रतापपुर ने बताया कि टीम द्वारा फर्म के परिसर में पहुंचकर धान के भौतिक सत्यापन की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान मौके पर केवल रात्रिकालीन चौकीदार उपस्थित मिला। पूछताछ में चौकीदार ने बताया कि विगत दिवस शाम 7 बजे से लेकर निरीक्षण के समय तक परिसर में धान अनलोड करने के लिए कोई वाहन नहीं पहुंचा है। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। 

इस संबंध में जब फर्म के प्रोपराइटर से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने पहले वाहन आने और धान अनलोड होने की जानकारी दी। लेकिन जब मौके पर भौतिक सत्यापन कराने की बात कही गई, तो वे अपने बयान से मुकर गए और वाहन के रास्ते में खराब होने अथवा उसके कहां रुकने की जानकारी नहीं होने की बात कहने लगे। उनके बयानों में विरोधाभास तथा मौके पर वाहन एवं धान की अनुपस्थिति को देखते हुए वैध अनुज्ञा पत्र की आड़ में धान के अन्यत्र परिवहन अथवा अवैध रूप से खपाए जाने की आशंका सामने आई है। मामले में संबंधित व्यापारी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

जिला प्रशासन ने सभी धान व्यापारियों, राइस मिलर्स एवं बिचौलियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा, अवैध परिवहन अथवा समर्थन मूल्य से संबंधित अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक मंडी से जारी होने वाली अनुज्ञा रसीद (गेट पास) की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से बारीकी से निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही प्रशासन की संयुक्त टीमें विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों का लगातार औचक भौतिक सत्यापन कर रही हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और मौके पर वास्तविक स्थिति में अंतर पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध मंडी अधिनियम एवं अन्य प्रभावी कानूनों के तहत धान की जब्ती, लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा, धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने तथा अवैध धान कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षक, कोऑपरेटिव इंस्पेक्टर एवं मंडी इंस्पेक्टर शामिल थे।

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