चेकिंग दौरान पकड़कर चौकी ले जाने और डंडे से पीटने का आरोप

भटगांव। सुरजपुर जिले के झिलमिली थाना क्षेत्र अंतर्गत चौकी चेन्द्रा में ग्राम चंद्रमेढ़ा निवासी विजय कुमार दुबे ने पुलिस पर कथित रूप से अवैध हिरासत में रखने, डंडे से पिटाई करके दबाव बनाकर वीडियो बनवाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा गया है कि चौकी प्रभारी केश्वर राम मरावी और प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह ने उसके साथ मारपीट की है। मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक सूरजपुर से करते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
शिकायत के मुताबिक, घटना 27 सितंबर 2026 की रात करीब 8 बजे पलमा चौक की है। विजय अपने मित्र के साथ दोपहिया वाहन से जा रहा था। चौक पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे रोककर वाहन से नीचे उतारा और प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह उसे पकड़कर चौकी प्रभारी के पास ले गए। चौकी पहुंचने के बाद बिना किसी स्पष्ट कारण के उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। चौकी प्रभारी पर थप्पड़ मारने तथा प्रधान आरक्षक पर बांस के डंडे से वार करने का आरोप लगाया गया है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि मारपीट के बाद युवक को पुलिस वाहन में बंद कर दिया गया। इसकी शिकायत झिलमिली थाना में लिखित में करने की बात भी कही गई है।
बेटे को छुड़ाने पहुंची मां से भी अभद्रता
बेटे को थाना ले जाने की जानकारी मिलने पर मां उर्मिला दुबे अपने छोटे भाई दीपक के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अपने बेटे को पुलिस वाहन से बाहर निकालने का प्रयास किया। आरोप है कि प्रधान आरक्षक ने उनका हाथ पकड़ लिया और अभद्र व्यवहार करते हुए पीछे धक्का दे दिया। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद युवक के साथ पुन: मारपीट की गई। बाद में युवक को छोड़ने से पहले उससे एक वीडियो बनवाया गया, जिसमें यह कहलवाया गया कि उसके साथ किसी तरह की मारपीट नहीं हुई है।
आई चोट का रायपुर में हुआ ऑपरेशन
पीड़ित के अनुसार रिहाई के बाद उसकी मां उसे एसईसीएल अस्पताल भटगांव लेकर गईं, जहां प्राथमिक उपचार कराया गया। 29 सितंबर को अंबिकापुर स्थित भूटानी अस्पताल में एक्स-रे कराया गया, जिसमें उसके दाहिने हाथ के अंगूठे की हड्डी टूटने की बात सामने आई। 30 सितंबर को एसईसीएल अस्पताल भटगांव से उसे रायपुर रेफर किया गया। रायपुर में 2 से 5 अक्टूबर तक इलाज चला और हाथ का ऑपरेशन किया गया।
नशे में होने और माफी मांगने का भी दावा
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि 28 सितंबर को थाना प्रभारी की मौजूदगी में चौकी प्रभारी एवं प्रधान आरक्षक द्वारा कथित तौर पर डांटने के दौरान नशे में होने की बात स्वीकार करने और माफी मांगने की बात कही गई है। यदि यह आरोप सही है तो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान नशे की स्थिति में होना गंभीर विषय है। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। बहरहाल एसपी के सामने मामला पहुंचने के बाद अब जांच पर नजर टिकी हुई है।

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