अंबिकापुर। शहर के कोतवाली थाना अंतर्गत नवागढ़, महामाया मंदिर के पास एक व्यक्ति घर का दरवाजा बंद करके अज्ञात कारणों से खुद को आग के हवाले कर दिया। स्वजन ने जैसे-तैसे छप्पर तोड़कर युवक की जान बचाई और डॉयल 112 में इसकी सूचना दी। डॉयल-112 टीम ने मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए संकट की घड़ी में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई और झुलसे व्यक्ति को तत्काल मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसे समय पर उपचार की सुविधा मिल पाई।
जानकारी के मुताबिक, 11 अगस्त को सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, रायपुर से सरगुजा डीसीसी डॉयल-112 टीम को सूचना मिली कि नवागढ़, महामाया मंदिर के पास एक व्यक्ति आग से झुलस गया है, उसे तत्काल सहायता की जरूरत है। सूचना मिलते ही टीम ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू की और घटनास्थल पर तैनात पुलिस टीम को सक्रिय किया। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी डॉयल-112 रितेश चौधरी के मार्गदर्शन में टीम ने आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्कृष्ट टीम वर्क दिखाया।
इनकी रही अहम भूमिका
डॉयल-112 कंट्रोल रूम में तैनात प्रधान आरक्षक संजीव कुमार त्रिपाठी एवं महिला आरक्षक मनीषा द्विवेदी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए लगातार मॉनिटरिंग की। उन्होंने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को घटनास्थल के लिए रवाना कराया और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इस दौरान घटनास्थल पर तैनात आरक्षक सुशील खेस और चालक पेंटेश्वर ने तत्परता दिखाते हुए आग से झुलसे पीड़ित को उसके स्वजन के साथ मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। कंट्रोल रूम की सतत मॉनिटरिंग, त्वरित समन्वय और ईआरव्ही टीम की समय पर कार्रवाई से पीड़ित को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी।

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