2-3 घंटे विलंब से चल रहीं ट्रेनें, रेल संघर्ष समिति ने स्टेशन प्रबंधक को सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर। अंबिकापुर-अनूपपुर रेलखंड पर प्रतिदिन ट्रेनों के विलंब से परिचालन की गंभीर समस्या को लेकर सरगुजा क्षेत्र रेल संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को अंबिकापुर मुख्य स्टेशन प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन जोन महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के नाम सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने मंडल रेल प्रबंधक से दूरभाष पर भी चर्चा की, जिसमें डीआरएम ने समस्या के निराकरण हेतु सार्थक पहल का आश्वासन दिया है।
जोनल रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य मुकेश तिवारी ने बताया कि अंबिकापुर से परिचालित होने वाली ट्रेनें विगत कुछ महीनों से प्रतिदिन 2 से 3 घंटे विलंब से चल रही हैं। नियमित विलंब के कारण यात्रियों की यात्रा का उद्देश्य ही निरर्थक हो रहा है और रेलवे की विश्वसनीयता लगातार घट रही है।
मरीज, छात्र, व्यापारी परेशान
अंबिकापुर से राजधानी रायपुर को जोड़ने वाली अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस 18241/18242 उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण ट्रेन है। प्रतिदिन गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु मरीज, विद्यार्थी, व्यापारी और आम नागरिक इस ट्रेन से राजधानी जाते हैं। ट्रेन के विलंब से पहुंचने के कारण अनुसूचित क्षेत्र के गरीब यात्रियों को एक दिन अतिरिक्त रुकना पड़ रहा है, जिससे उनके समय, धन और साधनों पर अनावश्यक खर्च बढ़ रहा है। सुदूर आदिवासी अंचल से राजधानी तक की यात्रा जो सामान्यत: लगभग 10 घंटे की होनी चाहिए, वह प्राय: 13 से 14 घंटे तक की हो जा रही है।
श्रद्धालुओं को भी हो रही दिक्कत
अंबिकापुर-शहडोल एक्सप्रेस तथा मेमू ट्रेनें भी निरंतर विलंब से चल रही हैं, जिससे आगे की यात्रा कठिन हो गई है। सावन माह में विलंबित ट्रेनों के कारण उज्जैन सहित अन्य ज्योतिर्लिंगों के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालु कनेक्टिंग नर्मदा एक्सप्रेस की सुविधा से वंचित रह जा रहे हैं। उन्होंने रेल वन सहित विभिन्न ऐप्स में विलंबित गाड़ियों को राइट टाइम दर्शाकर भ्रम फैलाने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाने की मांग की।
पावर रिवर्सल प्रक्रिया में हो सुधार
जेडआरयूसीसी सदस्य मुकेश तिवारी ने सुझाव दिया कि अनूपपुर और शहडोल में अतिरिक्त पावर की व्यवस्था कर पावर रिवर्सल प्रक्रिया में सुधार किया जाए तो डिटेंशन में 30-40 मिनट की कमी की जा सकती है। बिलासपुर से अनूपपुर के बीच तीसरी लाइन बनने के बाद भी कोचिंग ट्रेनों की समय-सारिणी में सुधार नहीं होना चिंता का विषय है। लॉन्ग हॉल मालगाड़ियों के कारण यात्री गाड़ियों की स्थिति और दयनीय हो रही है।
बिलासपुर डिवीजन 68वें स्थान
मुकेश तिवारी ने कहा कि हमारे जोन का बिलासपुर डिवीजन मात्र 43.42 प्रतिशत पंक्चुअलिटी के साथ 68वें स्थान पर है। समिति ने ट्रेनों का समय पालन सुनिश्चित करने और विलंब के लिए उत्तरदायी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश मिश्रा, नकुल सोनकर, जितेंद्र सिंह, विनोद जायसवाल उपस्थित रहे।

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