0 58 पंचायतो के सरपंच, सचिव व स्वच्छता दीदी हुई शामिल

सूरजपुर। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ठोस अवशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला पंचायत सीईओ की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित हुई। विदित हो कि 01 अप्रैल  से सर्वाेच्च न्यायालय के द्वारा पारित आदेशों के पालन हेतु ठोस अवशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू किया गया, जिसके परिपालन में प्रथम चरण हेतु 58 ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव और ‘‘डोर टू डोर‘‘ अपशिष्ट संग्रहण पृथक्करण कार्य करने वाली  स्वच्छता दीदियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान ठोस अवशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 हेतु  ग्राम पंचायत की जिम्मेदारियों पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से  बिंदुवार चर्चा की गई, पाक्षिक कार्ययोजना बनाकर अक्टूवर तक लक्षित पंचायत में समस्त मापदंडों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है। नियमित डोर टू डोर अपशिष्ट प्रबंधन, चार प्रकार के अपशिष्ट का पृथक करण स्रोत सेग्रीगेशन को बढ़ावा देना, खुले में कचरा फेंकने पर प्रतिबंध, बल्ब वेस्ट जेनरेट स्थलों का चिन्हांकन और पंजीयन, कचरा जलाने पर प्रतिबंध एवं दंड का प्रावधान किया गया है। सामुदायिक जागरूकता हेतु आईसी गतिविधियों दिवाल लेखन, चौपाल, बैठक रैली, का आयोजन इस अवसर पर सीईओ ज़िला पंचयात द्वारा एसडब्लूएम रूल 2026 की प्रति सरपंच, सचिव को उपलब्ध कराई गई। देवीपुर, कूंदेत, लांजीत, चुनगुड़ी के सरपंच ने अपने विचार रखे कैसे अपने ग्राम को नियत समय पर मापदंड अनुसार तैयार करेंगे। जन सहभागिता आधारित चौपाल सामुदायिक जागरूकता हेतु जनप्रतिनिधि की सहभागिता से व्यवहार परिवर्तन करने जनपद वार कार्ययोजना बनाना कार्यशाला में राज्य सलाहकार पुरुषोत्तम पंडा, जिला समन्वयक एमसीबी राजेश जैन एवं जिला सलाहकार संजय सिंह तथा समस्त खंड स्वच्छता अधिकारी के साथ 58 ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव एवं स्वच्छाग्राहियों ने अपनी उपस्थिति सुनिश्चित की।

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