देनदारी से बचने कर्जा एक्ट का केस दर्ज कराने की चली चाल, अपराध दर्ज  

अंबिकापुर। रिश्तेदारी के आड़ में भरोसे में लेकर महिला से पुलिस आरक्षक और उसकी पत्नी ने 30 लाख रुपये की ठगी कर ली। गांधीनगर थाना पुलिस ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है, और अग्रिम जांच कार्रवाई कर रही है।  
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गांधीनगर थाना क्षेत्र के पटपरिया की अनुपमा सिंह 45 वर्ष अपने घर में ब्यूटी पार्लर चलाती है। इनसे 11 जुलाई 2023 से 30 जुलाई 2023 के बीच प्रवीण प्रताप सिंह एवं उसकी पत्नी ने जमीन खरीदने के लिए तात्कालिक जरूरत बताते हुये 30 लाख रुपये उधार में लिया था। इनके द्वारा पीडब्ल्यूडी विभाग में 75 लाख रुपये काम का बकाया होने का झांसा दिया गया, और रुपये मिलते ही उधार में लिये गये रकम को वापस कर देने कहा गया। इसके बाद जब भी महिला रुपये वापस करने के लिये कहती तो प्रवीण और उसकी पत्नी के द्वारा लगातार पीडब्ल्यूडी विभाग के मुख्यालय रायपुर से जल्द ही रकम मिलने की जानकारी देकर गुमराह कर दिया जाता था और कई बार वाट्सएप चेटिंग तथा वाइस नोट के माध्यम से बताकर उसे भरोसे में रखे थे। दोनों पति-पत्नि महीनों रायपुर में जाकर रहते थे, इससे अनुपमा को विश्वास था कि, आज नहीं तो कल रुपये वापस मिल जायेगा। बाद में रकम वापसी में हीलाहवाली करते हुये दोनों तमाम बहाना बनाने लगे। शिकायत पर गांधीनगर थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। गांधीनगर थाना प्रभारी ने कहा है कि, कानून सभी के लिए समान है। विभाग का कोई भी कर्मचारी यदि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
10 लाख देने के बाद दिया गया चेक बाउंस हुआ
उधार में लिये गये रकम को वापस करने के लिये दबाव बनाने पर धीरे-धीरे मार्च 2025 तक 10 लाख रुपये इन्होंने वापस किया और शेष 20 लाख रुपये के एवज में इनके द्वारा 10-10 लाख रुपये का चेक 05.06.2025 और 13.06.2025 को दिया गया, जो बाउंस हो गया। इस पर अनुपमा सिंह ने 19.06.2025 को नोटिस भेजा। इसके जवाब में इन्होंने कहा कि वे उक्त रकम अपने परिवार की आमदनी बढ़ाने और व्यवसाय के लिये उधार में लिए हैं, इसमें से कुछ रकम वापस कर दिए हंै और शेष रकम जो 13 लाख रुपये के करीब है, उसे वापस करने के लिये वे तैयार हैं, किन्तु नोटिस भेजने वाले से उनका ब्याज संबंधी विवाद है। इनके द्वारा चेक बाउंस के केस को वापस लेने के लिये दबाव बनाया गया और दोनों ने अनुपमा के खिलाफ थाना गांधीनगर में कर्जा एक्ट का केस दर्ज करा दिया, ताकि देनदारी से बच सकें।
अन्य लोगों से भी लिये लाखों रुपये
आरोप है कि, आरक्षक और उसकी पत्नी शहर के अन्य लोगों से भी पीडब्ल्यूडी विभाग में अपना पैसा फंसा होने का झांसा देकर रकम उधार में लिए हैं, और पुलिस विभाग में पदस्थ होने का लाभ लेकर सभी को उल्टा फंसाने का धमकी देते आ रहे हैं। महिला ने बताया है कि, उनकी जानकारी में इन्होंने मृत्युंजय गुप्ता से 10 लाख रुपये, विवेक तिवारी से 4.30 लाख रुपये और जगजीत सिंह से 4.50 लाख रुपये लेकर उनको भी चेक दिया और देनदारी से बचने के लिये फंसाने की धमकी दे रहे हैं। महिला ने पुलिस को बताया है कि, आरक्षक प्रवीण प्रताप सिंह और उसकी पत्नि अपराधिक षड्यंत्र रचते हुये रिश्तेदारी का लाभ उठाकर रकम को हड़प लिये और रुपये वापस न करना पड़े, इससे बचने के लिए पुलिस विभाग में होने का लाभ उठाते हुये झूठा शिकायत करने में लगे हैं।

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