सम्मेलन में संगठन की मजबूती और सामाजिक समरसता पर वक्ताओं ने दिया जोर

अंबिकापुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश संगठन के आह्वान पर भाजपा ओबीसी मोर्चा की जिला कार्यसमिति बैठक, जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन एवं प्रबुद्धजन सम्मान समारोह का आयोजन शहर के पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी तथा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया, विधायक प्रबोध मिंज, महापौर मंजूषा भगत, बस्तर संभाग सह प्रभारी हरपाल सिंह भामरा तथा ओबीसी मोर्चा प्रदेश महामंत्री उपकार चंद्राकर मौजूद रहे।
ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता बबलू के नेतृत्व में आयोजित सम्मेलन में भाजपा सरगुजा के सभी 16 मंडलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न समाजों के प्रमुखों एवं प्रबुद्धजनों को अतिथियों द्वारा शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ओबीसी वर्ग को सम्मान, अवसर और भागीदारी मिली है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।
अखिलेश सोनी ने कहा कि भाजपा का संगठन ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच सक्रिय संपर्क बनाए रखने का आग्रह किया। अशोक साहू ने कहा कि ओबीसी मोर्चा सामाजिक समरसता और संगठन विस्तार का मजबूत माध्यम है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर संगठन की विचारधारा और सेवा कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों में पूरी सक्रियता एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आग्रह किया।
राकेश गुप्ता बबलू ने सम्मेलन में पहुंचे सभी अतिथियों, प्रबुद्धजनों एवं कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि ओबीसी मोर्चा जिले में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा समाज के हर वर्ग तक पार्टी की नीतियों और सेवा कार्यों को पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करेगा। कार्यक्रम को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। मंच संचालन वीर सोनी ने किया तथा आभार पंकज गुप्ता ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ अंबिकेश केशरी, विनोद हर्ष, होरीलाल गुप्ता, संतोष दास, मनोज गुप्ता, राजेंद्र जायसवाल, इंदर भगत, दिनेश साहू, जनमेजय मिश्रा, मनोज कंसारी, कमलेश तिवारी, अभय साहू, सिकंदर जायसवाल, श्रवण दास मानिकपुरी, प्रयागराज साहू, गौतम विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।