जिले में 7 विकासखंडों में भू-जल संवर्धन का व्यापक कार्य शुरू

अंबिकापुर। जिले में भू-जल संवर्धन एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनरेगा अंतर्गत ‘मोर गांव मोर पानी महाअभियानÓ के तहत व्यापक स्तर पर कार्य प्रारंभ किए गए हैं। कलेक्टर अजीत बंसत के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के सभी 7 विकासखंडों अंबिकापुर, लुण्ड्रा, सीतापुर, बतौली, मैनपाट, उदयपुर एवं लखनपुर में कुल 497 लूज बोल्डर चेक डैम निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन संरचनाओं का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना है।
नालों में निर्मित किए जा रहे लूज बोल्डर चेक डैम वर्षा जल को रोककर उसके ठहराव समय को बढ़ाएंगे, जिससे अधिक से अधिक पानी का जमीन में रिसाव हो सकेगा तथा भू-जल स्तर में वृद्धि सुनिश्चित होगी। बरसात के मौसम में बहकर व्यर्थ जाने वाले पानी को गांव में ही रोककर स्थानीय जल स्रोतों को रिचार्ज होने में सहायता मिलेगी। साथ ही नालों के तेज बहाव को नियंत्रित कर पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाले मिट्टी कटाव को भी रोका जा सकेगा। इन संरचनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में भू-जल स्तर ऊपर आएगा तथा गर्मी के मौसम में सूखने वाले हैंडपंपों एवं कुओं में वर्षभर पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। कृषि भूमि को रबी एवं ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध होगा। वहीं निर्माण कार्यों से रोजगार सृजन भी हो रहा है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को उनके निवास के समीप ही मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों का ‘वॉटर रिचार्ज बैंकÓ
जिले में स्वीकृत 497 कार्यों में से 253 स्थानों पर निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं तथा 139 लूज बोल्डर चेक डैम पूर्ण किए जा चुके हैं। लूज बोल्डर चेक डैम कम लागत वाली टिकाऊ संरचनाएं हैं, जो स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पत्थरों से निर्मित की जाती हैं। यह केवल जल संरक्षण की संरचना नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ‘वॉटर रिचार्ज बैंकÓ का कार्य करती हैं। पूर्व में निर्मित लूज बोल्डर चेक डैम काफी प्रभावी सिद्ध हुए हैं। मानसून पूर्व अधिकतम लूज बोल्डर चेक डैम पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि इस वर्ष की वर्षा का अधिकतम जल संचयन सुनिश्चित किया जा सके।

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