समाजसेवी पहुंचे दिल्ली, प्रधानमंत्री और रेल मंत्री के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा
अंबिकापुर। सरगुजा अंचल में रेलवे विस्तार व सुविधाओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सुजान बिंद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री के कार्यालय में मांग पत्र सौंपा। इसमें उल्लेख किया गया है कि देश को आजाद हुए 78 वर्ष हो गए, किंतु सरगुजा में रेलवे का विस्तार नहीं हो पाया है। आजादी के पूर्व अंग्रेजों ने सरगुजा में रेलवे की विस्तार की आवश्यकता महसूस करते हुए चिरमिरी से बरवाडीह तक का सर्वे कराया था, जिसके अवशेष आज भी देखने को मिल जाते हैं।
उन्होंने उल्लेख किया है कि सरगुजा अंचल में रेलवे विस्तार और सुविधाएं की कमी के कारण सरगुजा अंचल का समग्र विकास नहीं हो पा रहा है। ऐसे में भटगांव से म्योरपुर (रेणुकूट) 94 किलोमीटर व परसा केते से कटघोरा (कोरबा) 75 किलोमीटर को रेलवे लाइन से जोड़ा जाना चाहिए। इसके अलावा अंबिकापुर से व्हाया कटनी, प्रयागराज होते हुए अयोध्या तक, अंबिकापुर से कटनी व्हाया मिर्जापुर, मुगलसराय होकर पटना तक रेल चलाने, दुर्ग से हजरत निजामुद्दीन को जाने वाली छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को 3 दिन दुर्ग से व 3 दिन अंबिकापुर से चलाने, अंबिकापुर से दुर्ग और जाने वाली ट्रेन को नागपुर (महाराष्ट्र) तक व अंबिकापुर से प्रात: रायपुर के लिए इंटरसिटी ट्रेन चलाने, चिरमिरी से रीवा चलने वाली ट्रेन को अंबिकापुर से चलाने, सरगुजा संभाग के सभी जिलों को रेलवे से जोड़ने, पूर्व की भांति अनूपपुर से अंबिकापुर सुबह 10.30 बजे जाने वाली मेमो ट्रेन को पुन: प्रारंभ करने, बोगियों की साफ-सफाई हेतु 7 ट्रेक वाले करंजी में वाशिंग पीट की स्थापना करने, जयनगर रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर का निर्माण करने, अंबिकापुर रेलवे स्टेशन का नामकरण करते हुए महाकवि कालिदास टर्मिनल रखने, अंबिकापुर में एकमात्र (डाउन) प्लेटफार्म को देखते हुए एक अप प्लेटफार्म का निर्माण कराने की मांग की गई है।

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