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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और विकास की दिशा तय करने वाला बजट वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में पेश किया। इस बार बजट का थीम संकल्प रखा गया है। वहीं कांग्रेस ने राज्य बजट को ‘ज्ञान और गति की असफलता के बाद संकल्प का नया जुमलाÓ और जनता को निराश करने वाला बताया है।
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अधोसंरचना विस्तार की बड़ी-बड़ी बातें, प्रावधान ऊंट के मुंह में जीरा

पूर्व उपमुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन टीएस सिंहदेव ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि राज्य सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में रखे गए बजट के लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया है, ऐसे में राज्य सरकार का 1.72 लाख का बजट प्रोविजन बेमानी है। राज्य सरकार का राजस्व व्यय पिछले बजट की राशि 1.38 लाख की तुलना में बढ़कर 1.45 लाख करोड़ हो गया है उसकी तुलना में पूंजीगत व्यय 26341 करोड़ रुपये से बढ़कर 26,500 करोड़ हुआ है, जो बेहद निराशाजनक है। एक ओर प्रदेश की सरकार डबल इंजन के नाम पर अधोसंरचना विस्तार की बड़ी-बड़ी बात कर रही है वहीं प्रावधान ऊंट के मुंह में जीरा होगा।
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बजट में किसानों, युवाओं और विकास योजनाओं पर फोकस
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट में कई ऐसे प्रावधान किए हैं, जिससे किसानों, महिलाओं, युवाओं सहित हर वर्ग को लाभ मिलेगा। 18 वर्ष पूरा होने पर बालिकाओं को डेढ़ लाख रुपये दिए जाएंगे। बजट में 23 नए उद्योगों की स्थापना, हर जिले में चैम्बर ऑफ कॉमर्स भवन के निर्माण जैसे प्रावधान व्यापार को नई दिशा और रफ्तार देंगे। छत्तीसगढ़ बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणा की गई है। साय सरकार का तीसरा बजट ‘ज्ञानÓ और ‘गतिÓ के बाद ‘संकल्पÓ के थीम पर आधारित है। मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरगुजा के मैनपाट में विकास के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
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संकल्प रूपी जुमले का उपयोग, गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी के साथ छल

जिला कांग्रेस कमेटी, सरगुजा के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने बजट 2026 के लिए संकल्प रूपी जुमले का उपयोग करते हुए सरगुजा संभाग के ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी ) के साथ छल किया है। इस बजट में सरगुजा के उस ज्ञान को कुछ भी नया नहीं मिला, जिसने भाजपा की झोली में 14 सीटें डाली थी। बजट में सरगुजा को उद्योग, रोजगार-स्वरोजगार, सिंचाई, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुछ भी हासिल नहीं हुआ। मनरेगा के स्थान पर लाई गई जी राम जी योजना के लिए बजट में मात्र 4000 करोड़ का योगदान है, यह केंद्र के अंशदान को मिलाकर है। प्रदेश में 85 लाख मजदूरों को 125 दिन के काम का भुगतान 26 हजार करोड़ होगा, तो क्या जी राम जी योजना प्रदेश की श्रमशक्ति से छलावा है। जी राम जी में पहले केंद्र का बजट प्रावधान फिर छत्तीसगढ़ राज्य सरकार का बजट प्रावधान कांग्रेस की इस आशंका को मजबूत करता है कि मनरेगा को समाप्त कर लाई गई जी राम जी योजना देश की श्रम शक्ति के साथ भाजपा का बहुत बड़ा धोखा है। महतारी वंदन के मद में मात्र 8200 करोड़ का प्रावधान है, जबकि विगत वर्ष इसपर 14000 करोड़ खर्च हुए। क्या प्रदेश की सरकार ने महतारी वंदन योजना से लाखों महिलाओं को बाहर करने की किसी छिपी योजना पर कार्य कर रही है, इसे सरकार अवश्य बताए।
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सरकार की खराब आर्थिक स्थिति हुई प्रदर्शित
आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने बजट के परिप्रेक्ष्य में प्रतिक्रिया देते हुए कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज के प्रस्ताव को स्वागत योग्य बताया है किंतु यह बजटीय घोषणा ही साबित होकर न रह जाए। इस सरकार  ने अपने बजटों में सरगुजा संभाग सहित पूरे प्रदेश में चालू योजनाओं पर बड़ी बड़ी घोषणाएं तो की  हैं, लेकिन ये बस घोषणा ही साबित हुई। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के अस्पताल का भवन इसका साक्षात उदाहरण है। पूंजीगत व्यय में मात्र 359 करोड़ की वृद्धि सरकार की खराब आर्थिक स्थिति को प्रदर्शित कर रही है। मनरेगा में पहले केंद्र का योगदान 3600 करोड़ होता था। जी राम जी योजना के बाद अब यह घटकर 2400 करोड़ हो जाएगा। शेष 1600 करोड़ का इंतजाम राज्य सरकार पर आएगा। केंद्र की फ्लैगशिप योजनाओं पर राज्य सरकार के अंशदान में हो रही वृद्धि कहीं न कहीं राज्य सरकार पर आर्थिक बोझ बन रही है, नतीजतन राज्य की सरकार अब गांधीजी की पुण्य तिथि शहीद दिवस और होली के दिन भी शराब दुकान खोल राजस्व के संग्रहण में लगी हुई है।
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बजट आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा
भाजपा सरगुजा के जिला अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के 1,72,000 करोड़ के बजट को वित्तीय अनुशासन और तीव्र विकास का संतुलित दस्तावेज बताया है। उन्होंने कहा है राज्य का अनुमानित जीएसडीपी 7,09,553 करोड़ रुपये (12.4′ वृद्धि), पूंजीगत व्यय 26,500 करोड़ रुपये (बजट का 15.4′) तथा राजकोषीय घाटा 2.87′ (एफआरबीएम सीमा के भीतर) प्रदेश की मजबूत आर्थिक दिशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा है कि लोक निर्माण विभाग हेतु 9,450 करोड़, जल संसाधन के लिए 3,500 करोड़, द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना  हेतु 200 करोड़ बुनियादी ढांचे को मजबूत कर प्रत्यक्ष रोजगार का सृजन करगा। अंबिकापुर में नए जिला चिकित्सालय भवन की स्वीकृति संभाग के मरीजों के लिए संजीवनी साबित होगी।
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पूंजीगत निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी

राजेश अग्रवाल केबिनेट मंत्री ने कहा है बजट में कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़, कृषि पंपों हेतु 5,500 करोड़ बिजली सब्सिडी, प्रधानमंत्री फसल बीमा 820 करोड़, ये प्रावधान किसानों की लागत घटाकर आय बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम हैं। पूंजीगत निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
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आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने वाला विकासोन्मुखी बजट
फोटो-रविन्द्र तिवारी
कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्तुत बजट का स्वागत करते हुए इसे  ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने वाला विकासोन्मुखी बजटÓ बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में औद्योगिक प्रयोजन हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लैंड बैंक विकास योजना में विशेष प्रावधान किया गया है, जो प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगा। साथ ही पूंजी निवेश पर सब्सिडी का प्रावधान उद्यमियों को प्रोत्साहित करेगा तथा प्रदेश में निवेश का अनुकूल वातावरण निर्मित करेगा। श्री तिवारी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्रांति का आधार बनेगा और राज्य के चहुंमुखी विकास को नई दिशा देगा। व्यापारी वर्ग पूर्ण समर्थन के साथ आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
बजट में विकास और वित्तीय अनुशासन का आदर्श संतुलन
फोटो-अनिल सिंह मेजर, ललन प्रताप सिंह, प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, मंजूषा भगत, विश्वविजय सिंह तोमर, अम्बिकेश केशरी, विनोद हर्ष, अरूणा सिंह, रुपेश दुबे, संतोष दास, धनंजय मिश्रा
वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सिंह मेजर ने गृह विभाग को सशक्त बनाने 8,380 करोड़, साइबर तहसील स्थापना, प्रशासनिक आवास निर्माण को सुरक्षा एवं सुशासन को और मजबूत करने वाला बताया है। पूर्व जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह ने राजस्व व्यय के लिए 1,45,000 करोड़, पूंजीगत व्यय हेतु 26,500 करोड़ तथा संतुलित 2.87 प्रतिशत राजकोषीय घाटा को विकास और वित्तीय अनुशासन का आदर्श संतुलन बताया। लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा है कि यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सभी वर्गों के कल्याण तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। महापौर मंजूषा भगत महापौर, विश्व विजय सिंह तोमर अध्यक्ष, युवा आयोग, भाजपा नेता अम्बिकेश केशरी, विनोद हर्ष जिला महामंत्री, अरुणा सिंह भाजपा नेत्री, रुपेश दुबे जिला मीडिया प्रभारी, संतोष दास प्रवक्ता, धनंजय मिश्रा सह संवाद प्रमुख ने बजट के वार्षिक प्रावधान के परिप्रेक्ष्य में कहा है कि बजट केवल घोषणा नहीं बल्कि दीर्घकालिक क्रियान्वयन का संकल्प है। सरगुजा सहित पूरे प्रदेश में इसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा। गैर राजनैतिक आजाद सेवा संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा ने बजट को राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए एक उम्मीद जगाने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और सामाजिक कल्याण के बीच एक मजबूत संतुलन बनाने की दिशा में सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

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