कनेक्टिंग एरिया तक खोदाई में हुई पुष्टि, स्वास्थ्य व जल प्रदाय विभाग अलर्ट मोड पर
घुटरापारा से भी पीलिया के केस सामने आए, मोमिनपुरा में शिविर लगाकर स्वास्थ्य जांच

अंबिकापुर। शहर में पीलिया का प्रकोप अब एक वार्ड तक सीमित नहीं रह गया है। सर्वाधिक प्रभावित मोमिनपुरा में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष शिविर लगाकर 100 से अधिक संदिग्ध मरीजों के रक्त के नमूने एकत्र किए हैं। नवागढ़ और मोमिनपुरा के बाद सोमवार को घुटरापारा में भी पीलिया के 06 नए मरीज मिलने से संक्रमण के फैलाव की आशंका गहरा गई है। नगर निगम का जल प्रदाय शाखा क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की मरम्मत में जुटा है, लेकिन सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रभावित इलाकों में नियमित सफाई और क्लोरीनेशन की स्थिति स्पष्ट नहीं है। अलग-अलग बस्तियों से प्रतिदिन मरीजों का सामने आना संकेत दे रहा है कि समस्या व्यापक हो सकती है।
इधर मोमिनपुरा में कैम्प लगाकर प्रभावित परिवारों सहित अन्य का जांच करने के साथ ही आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। नगर निगम के जल प्रदाय शाखा के अधिकारी पेयजल सप्लाई लाइन से सीपेज की संभावनाओं को तलाश रहे हैं। घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने के बाद पीलिया से पीड़ितों की संख्या बढ़कर 50 पार कर गई गई है, इनमें से 48 लोगों ने शासकीय और निजी अस्पतालों में उपचार कराया, और वे स्वस्थ्य हो गए हैं। एक्टिव केस की संख्या में दो बताई जा रही है। सर्वाधिक प्रभावित अयान मार्ग में घर-घर निगम की ओर से सप्लाई किए जाने वाले पेयजल की पाइप लाइन की स्थिति का जायजा लेने के लिए कनेक्टिंग एरिया तक खोदाई कराई गई, जिससे मुख्य पानी सप्लाई पाइप लाइन से जुड़े कनेक्शन की स्थिति स्पष्ट हो सके। इस दौरान मुख्य पाइप लाइन में पानी का रिसाव रोकने के लिए रबर और चप्पल का प्रयोग करने की पुष्टि हुई, जिसका दावा आसपास के रहवासियों ने किया था, और सीपेज को रोकने के लिए नया चप्पल खरीदकर देने की बात कही थी। शहीद अब्दुल हमीद चौक में भी पेयजल सप्लाई के लिए बिछाए गए मुख्य पाइप लाइन की स्थिति का जायजा निगम के जल प्रदाय शाखा के प्रभारी अधिकारी प्रशांत खुल्लर अपने सहयोगियों के साथ लेते नजर आए। वार्ड पार्षद हसन का कहना है कि पानी दूषित कैसे हुआ, और बैक्टीरिया युक्त पानी घरों में कैसे सप्लाई हुआ, इसे सूक्ष्मता से परखने की जरूरत है, क्योंकि यह जन स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।
बता दें कि दिसम्बर 2025 से ही सर्वाधिक बच्चे पीलिया से पीड़ित सामने आ रहे थे। 14 फरवरी को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ की इंचार्ज ने प्रभावित क्षेत्र से लिए गए पेयजल सैंपलों की जांच मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कराई। इसके बाद कई नमूनों में एमपीएन की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई।  ई-कोलाई की पेयजल में मौजूदगी जल-जनित गंभीर बीमारियों का कारण माना गया है। इधर पीलिया के केस मोमिनपुरा के अयान मार्ग से सर्वाधिक सामने आने के बाद सोमवार को वार्ड में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में काफी संख्या में महिला-पुरूष और बच्चे स्वास्थ्य जांच कराने के लिए पहुंचे। यूपीएचसी की इंचार्ज डॉ. जया अग्रवाल, सुपरवाइजर अनिल अग्रवाल के अलावा आरएचओ, फार्मासिस्ट, एएनएम, एमटी, मितानिनों की भी मौके पर उपस्थिति रही। वार्ड के पार्षद हसन सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी सक्रिय रहे।
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पानी के समुचित शुद्धिकरण प्रक्रिया की जांच जरूरी-शफी अहमद
नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद सोमवार को निगम आयुक्त, पार्षदों, स्वास्थ्य विभाग और जल शाखा के कर्मियों के साथ प्रभावित क्षेत्र में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर और पाइप लाइन के सुधार कार्य की निगरानी में डटे रहे। उन्होंने कहा यदि यह केवल एक पाइप लाइन की खराबी का मामला होता, तो संक्रमण एक सीमित क्षेत्र तक रहता। विभिन्न बस्तियों से मरीज का मिलना बताता है कि कहीं न कहीं व्यापक स्तर पर लापरवाही हुई है। उन्होंने आशंका जताई है कि या तो कई स्थानों पर पाइप लाइन मरम्मत कार्य अमानक और त्रुटिपूर्ण रहा है, या फिर जल शुद्धिकरण संयंत्र में निर्धारित मानकों के अनुरूप एलम, ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन का उपयोग नहीं किया जा रहा है। यदि पानी का समुचित शुद्धिकरण नहीं हो रहा है, तो शहरवासियों को दूषित पेयजल मिलना स्वाभाविक है, जो इस प्रकोप की जड़ हो सकता है। बीमार लोगों की संख्या में और इजाफा हो, पूरा शहर पीलिया का प्रकोप झेले, इसके पहले कार्रवाई की जरूरत है। जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों को वास्तविक स्थिति से रूबरू होने के लिए मौके पर आना चाहिए। उन्होंने कहा इससे बुरी स्थिति क्या हो सकती है कि लीकेज को रोकने के लिए रबर और चप्पल का उपयोग किया जा रहा हो। निगम व प्रशासन से उन्होंने मांग की है, कि कतकालो फिल्टर प्लांट से सप्लाई होने वाले पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन डाला जा रहा है या नहीं, किस मात्रा में क्लोरीन डाला जा रहा है, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
जहां पीलिया से सर्वाधिक पीड़ित मिले, वहां नालियों से एक तगाड़ी मलबा नहीं निकला
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शफी अहमद ने निगम की सफाई व्यवस्था को आड़े लेते हुए कहा कि नालियां बजबजा रही हैं, दुर्गंध से लोग बेहाल हैं। स्वच्छता विभाग जिस मार्ग में सर्वाधिक पीलिया के केस निकलकर सामने आए हैं, वहां से एक तगाड़ी मलबा नहीं निकाला है। उन्होंने कहा शहीद अब्दुल हमीद चौक के पास पानी सप्लाई पाइप से लीकेज की समस्या नई नहीं है। वार्ड के पार्षद हसन ने इस ओर जिम्मेदारों का ध्यान दिलाया था। ट्रिपल इंजिन की सरकार होने के बाद भी छोटी-छोटी कमियों को दूर करने की पहल नहीं की गई। महापौर सहित अन्य जिम्मेदार प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के संज्ञान में मामला आ चुका है, लेकिन प्रभावित इलाके का जायजा लेने की जरूरत महसूस नहीं की गई। निगम के कमिश्नर और जल प्रदाय शाखा के अधिकारी, स्वास्थ्य अमला एक्टिव हंै। घुटरापारा में भी पीलिया से पीड़ित सामने आए हैं, ऐसे में नवागढ़, श्रीगढ़ इलाके को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
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पानी के कई नमूने जांच के लिए रायपुर भेजे गए-कमिश्नर
नगर पालिक निगम के आयुक्त डीएन कश्यप ने मीडिया से चर्चा में बताया कि दूषित जल आपूर्ति की शिकायत के बाद तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की गई है। प्रभावित क्षेत्रों से पानी के कई नमूने लेकर जांच के लिए रायपुर भेजे गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होते ही आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इधर नागरिकों में चिंता बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से उबला हुआ पानी पीने, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराने की अपील की है। सवाल यह है कि जांच रिपोर्ट में क्या खुलासा होगा और प्रशासन संक्रमण की शृंृंखला तोड़ने के लिए कितनी तेजी से ठोस कदम उठाएगा।

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