दिव्यांगजन, उनके सम्मान, अधिकारों एवं समान अवसरों को सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता-लक्ष्मी

0जिले में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर हुआ राज्यस्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन

0 मुक-बधिर बच्चों द्वारा शानदार नृत्य का किया गया प्रदर्शन

सूरजपुर। बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर यहां रंगमंच प्रांगण में राज्यस्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन  किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। आयोजन में महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल होकर दिव्यांगजनो का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दिव्यांगजन समाज की अमूल्य शक्ति है और उनके सम्मान, अधिकारों एवं समान अवसरों को सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दिव्यांगजन अपनी क्षमता, योग्यता, संघर्षशीलता और सकारात्मकता के आधार पर समाज में अपना स्थान बनाते हैं। यह आत्मविश्वास ही उन्हें विशेष पहचान देता है। छत्तीसगढ़ शासन उन्हें हर स्तर पर प्रोत्साहित करने और सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि परमात्मा हमारे शरीर में भले ही कोई एक गुण कम करता है, लेकिन बदले में कई गुण बढ़ाकर भी देता है। दिव्यांगजन समाज के महत्वपूर्ण अंग हैं। उनकी अपने-अपने क्षेत्र में योग्यताएं हैं। शासन की भावना सर्वे भवन्तु सुखिनः रही है। दिव्यांगजन के लिए केंद्र व राज्य शासन दोनों के द्वारा कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। मंत्री ने आगे कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिव्यांग शब्द प्रदान करने से समाज का दृष्टिकोण सकारात्मक रूप से बदला है। इसी सकरात्मक दृष्टिकोण को आप और सभी को आगे बढ़ाना है और उन्हें सामन अवसर प्रदान करना है। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को 10 मोटराइज्ड एवं 20 ट्राईसाइकिल, 15 व्हील चेयर, 15 जोड़ी बैसाखी, 05 ब्लाईंड स्टिक , 20 छड़ी ,04 नग एमआर किट प्रदान किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांग जनों के लिए किया जा रहे उत्कृष्ट कार्य हेतु जिला गरियाबंद को सर्वाेत्तम जिले के रूप में सम्मानित किया गया। इसके साथ ही राज्य स्तर समिति द्वारा अलग-अलग क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने हेतु पांच दिव्यांगजनों को चयनित कर सम्मानित किया गया और प्रत्येक व्यक्ति  संस्था को 5001 रूपये की राशि का चौक प्रदान किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांग कुमारी शीतल विश्वकर्मा व ज्ञानोदय के मुक-बधिर बच्चों द्वारा  शानदार नृत्य का प्रस्तुतीकरण किया गया।

0 समाज की शक्ति हैं दिव्यांगजन-रामसेवक

पूर्व गृहमंत्री व वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने कहा कि ‘‘दिव्यांगजन समाज की शक्ति हैं, उनकी मजबूती और आत्मविश्वास ही समाज को नई दिशा देता है। राज्य सरकार उनके अधिकारों, सम्मान और आत्मनिर्भरता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। विभिन्न योजनाओं और सहयोग के माध्यम से दिव्यांगजन के जीवन में सुधार लाने का सतत प्रयास जारी है।

0 संवेदनशीलता के साथ दिव्यांगजनों की प्रतिभा को लाएं आगे- भूलन

 विधायक भूलन सिंह मराबी ने कहा कि ‘‘दिव्यांगजन के सशक्तिकरण के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं ने उन्हें नए अवसर प्रदान किए हैं। समाज के हर वर्ग का दायित्व है कि वे संवेदनशीलता के साथ दिव्यांगजनों की प्रतिभा को आगे लाने में सहयोग करें।‘‘ उन्होंने समावेशी विकास को सच्चे अर्थों में राज्य की प्राथमिकता बताते हुए सभी दिव्यांगजनों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव भी उपस्थित थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 21 प्रकार की दिव्यांगता के आधार पर दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित जनों को दिव्यांगजन दिवस मनाने के उद्देश्य व विभागीय योजनाओं से बिन्दुसार परिचित कराया। कलेक्टर एस.जयवर्धन ने दिव्यांगजनों के हित में प्रशासन द्वारा किये जा रहे कार्याे से उपस्थित जनों को अवगत कराया।उन्होंने कहा कि, ‘‘हमारा प्रयास है कि दिव्यांगजन को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि समाज के अभिन्न और सक्रिय सदस्य के रूप में देखा जाए। उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में जिपं अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजवाड़े , नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े, पार्षदगण, जिला पंचायत एवं जनपद सदस्य, पूर्व विधायक श्रीमती रजनी त्रिपाठी, रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल, पाठय पुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष भीम सिंह अग्रवाल, मुरली मनोहर सोनी, संदीप अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र पाटले व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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