अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य 4 नवंबर से प्रारंभ हो चुका है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश भर में निर्वाचकों को गणना प्रपत्र का वितरण लगभग पूरा कर लिया गया है, इन प्रपत्रों के संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से जारी है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है कि किसी मृत व्यक्ति, ऐसे व्यक्ति जो अब भारतीय नागरिक नहीं हैं, या ऐसे मतदाता जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर सूचीबद्ध है और वे एक से अधिक स्थानों के लिए गणना प्रपत्र जमा करते हैं, उनके संबंध में गणना प्रपत्र भरना या गलत घोषणा करना एक दंडनीय अपराध है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत गलत जानकारी देना, तथ्य छिपाना या भ्रामक घोषणा करना दंडनीय माना गया है, इसके लिए कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी से अनुरोध किया है कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ सही जानकारी उपलब्ध कराएं और पुनरीक्षण की प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि एक जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाया जा सके।
नवीन फोटो अनिवार्य नहीं, भ्रांतियों से दूर रहने की अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं का नया फोटो उपलब्ध कराने को लेकर फैल रही गलत फहमियों पर दिशा-निर्देश जारी किया है। आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत बूथ लेवल अधिकारी 4 दिसंबर तक घर-घर जाकर मतदाताओं से विधिवत भरा हुआ गणना पत्रक प्राप्त करेंगे। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मतदाताओं को अपना नया फोटो देना अनिवार्य नहीं है। केवल वही मतदाता अपना नवीन फोटो दे सकते हैं जिनका फोटो धुंधला, अस्पष्ट हो या वे अपने वर्तमान फोटो से संतुष्ट न हों। ऐसी स्थिति में मतदाता स्वयं अपना नवीन फोटो उपलब्ध करा सकते हैं। बीएलओ के पास सीधे बीएलओ ऐप के माध्यम से फोटो खींचकर अपलोड करने की भी सुविधा है। इसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि सभी ईआरओ व बीएलओ को उक्त जानकारी से अवगत कराया जाए तथा जिला स्तर पर सभी राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित कर वास्तविक स्थिति की जानकारी प्रदान की जाए।

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