अंबिकापुर। शनिवार को अधिवक्ताओं के द्वारा न्यायालय परिसर की बाउंड्रीवॉल को क्षतिग्रस्त करने की चर्चा आम रही। इसके बाद जिला अधिवक्ता संघ के आह्वान पर जारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार अंतर्गत 8 नवम्बर को अधिवक्ताओं की निरीक्षण टीम न्यायालय परिसर पहुंची। यह टीम उन व्यक्तियों की पहचान हेतु गठित की गई थी जो हड़ताल अवधि में न्यायिक कार्य कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि पुलिस विभाग, तहसीलदार कार्यालय एवं राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी-कर्मचारी न्यायालय परिसर में उपस्थित रहकर अधिवक्ताओं पर झूठे आरोप लगाने का षड्यंत्र रच रहे थे। इन अधिकारियों द्वारा भ्रामक प्रचार किया जा रहा था कि अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर की बाउंड्रीवॉल को क्षतिग्रस्त किया है, जो पूर्णत: असत्य, निराधार एवं अधिवक्ताओं की छवि को धूमिल करने का एक सुनियोजित प्रयास है।
इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर पहुंचे और इस कपटपूर्ण कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं का कहना है 7 नवम्बर को न्यायिक प्रशासन द्वारा संघ के पदाधिकारियों से बार-बार दूरभाष पर संपर्क करके हड़ताल समाप्त करने का दबाव डाला गया था। जब अधिवक्ता संघ अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए स्पष्ट कहा कि आंदोलन न्यायालय भवन के वर्तमान स्थल पर निर्माण हेतु जनभावना के अनुरूप जारी रहेगा, तब प्रशासन की ओर से झूठा बाउंड्रीवॉल प्रकरण खड़ा करके अधिवक्ताओं को मानसिक रूप से दबाव में लाने का प्रयास किया गया है। संघ इस प्रकार के भ्रामक अभियानों और धमकी भरे प्रयासों की कड़ी निंदा करता है तथा स्पष्ट करता है कि अधिवक्ता समाज के न्यायप्रिय एवं जिम्मेदार नागरिक हैं, जो जनहित एवं न्यायिक गरिमा की रक्षा हेतु शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। संघ ने प्रशासन को आगाह किया है कि यदि इस प्रकार के झूठे प्रकरण गढ़कर अधिवक्ताओं की छवि धूमिल करने या हड़ताल समाप्त करवाने का प्रयास किया गया तो संपूर्ण अधिवक्ता समुदाय एकजुट होकर और अधिक व्यापक और उग्र आंदोलन करने बाध्य होंगे। जिला अधिवक्ता संघ ने दोहराया है कि न्यायालय भवन का निर्माण वर्तमान स्थल पर ही किया जाना चाहिए, क्योंकि यही स्थान न्यायिक गतिविधियों के संचालन हेतु उपयुक्त, सुलभ और जनहित में है। जब तक शासन-प्रशासन द्वारा इस संबंध में स्पष्ट एवं लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन कलमबंद आंदोलन पूरी दृढ़ता से जारी रहेगा।

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