सरपंच-सचिवों को नोटिस, स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं मिलने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
अंबिकापुर। जनपद पंचायत मैनपाट के ग्राम पंचायत नर्मदापुर के सचिव सिद्धार्थ प्रजापति के विरुद्ध विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के संबंध में कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशानुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर  की अध्यक्षता में 04 सदस्यीय जांच दल का गठन कर जांच की कार्रवाई की गई। इस संबंध में ‘छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइनÓ ने 11 अगस्त को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर गड़बड़ी का आंकड़ा करोड़ में पहुंच गया है।
जांच का मुख्य विषय ग्राम पंचायत नर्मदापुर के मूलभूत, 15वें वित्त योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन तथा अन्य निर्माण कार्य की राशि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक मनमाने ढंग से बिना ग्राम सभा के अनुमोदन तथा कार्य स्थल पर बिना कार्य किए राशि शत-प्रतिशत आहरण कर लगभग 2 करोड़ 70 लाख का दुरुपयोग/गबन कर अपने निजी स्वार्थ के लिये राशि का उपयोग किया जाना के संबंध में जांच की कार्रवाई की गई। जांच में ग्राम पंचायत नर्मदापुर के अभिलेखों से यह तथ्य सामने आया कि ग्राम पंचायत के सरपंच/सचिव द्वारा विभिन्न शासकीय योजनाओं की राशि रूपये 2,07,16,041.01 (दो करोड़ सात लाख सोलह हजार 41 रुपये) आहरण संबंधी गंभीर वित्तीय अनियमितता किया जाना पाया गया है।
विभिन्न फर्मों को भुगतान, काम शून्य
ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव के द्वारा बिना किसी यथेष्ट प्रमाणक एवं मूल्यांकन, सत्यापन, नस्ती फाइल के अभाव में राशि का आहरण कर प्रभक्षण किया गया है, जिसमें सचिव सिकंदर प्रजापति के द्वारा रुपये 60.64 लाख, सचिव चन्द्रपाल सिंह के द्वारा रुपये 8.13 लाख, सचिव अनिल यादव के द्वारा रुपये 5.11 लाख, सरपंच गणेश नाग के द्वारा रुपये 5.11 लाख, सरपंच राजनाथ भैंसा के द्वारा रुपये 60.66 लाख एवं सरपंच ललिता भैंसा के द्वारा रुपये 7.89 लाख तथा विभिन्न वेंडरों (फर्म धनंजय सिंह, यादव इलेक्ट्रिकल्स, मां बंजारी ट्रांसपोर्ट, प्रकाश कुमार अम्बष्ट, जय पहाड़ी माता फ्लाई एस ब्रिक्स) को रुपये 40.78 लाख का भुगतान किया गया है, और कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया है।
तीन दिन के अंदर देंगे स्पष्टीकरण
इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2017-18 में राशि रूपये 10 लाख 22 हजार रुपये एवं  वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 में 1 करोड़ 76 लाख 28 हजार 823 रुपये तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20 लाख 65 हजार 218 रुपये का आहरण कर वित्तीय अनियमितता किया जाना पाया गया है। संबंधितों से राशि वसूली की कार्रवाई हेतु संबंधितों को अंतिम नोटिस जारी कर 03 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण चाहा गया है। स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर छ.ग. पंचायत राज अधिनियम 1993 के प्रावधान अनुसार राशि की वसूली के साथ-साथ सरपंच तथा सचिव के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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