बवाल नहीं आया काम, पथराई आंखों से बच्चे, महिलाएं देखते रह गए टूटते आशियाना
अंबिकापुर। शहर के गंगापुर में मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित भूमि में कब्जा करके बनाए गए 36 मकानों में से 34 में बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यहां लंबे समय से कब्जा करके रहने वाले लोगों को छह वर्ष पूर्व ही नोटिस दिया गया था, लेकिन किसी ने कब्जा हटाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में रहा। हाल में 15 दिवस पूर्व राजस्व विभाग की ओर से पुन: इन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए की जाने वाली कार्रवाई से आगाह कराया गया था, और स्वस्फूर्त कब्जा हटाने कहा गया था, फिर भी यथास्थिति बनी रही। अंतत: प्रशासन ने पुलिस टीम, राजस्व और निगम के अमले के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया।
मंगलवार की सुबह लोगों की नींद खुली, तो उन्हें नहीं मालुम था कि प्रशासन का अमला उनके ठिकानों को मलबे में तब्दील करने वाला है। महिलाएं बच्चों को स्कूल भेजने, कुछ बच्चे परीक्षा देने के लिए जाने की तैयारी में लगे थे, कोई चाय की घूंट भी नहीं ले पाया था, इसी बीच इलाके की लाइट-बत्ती गुल हो गई और प्रशासनिक टीम अतिक्रमण हटाने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था करके छह जेसीबी के साथ मौके पर पहुंच गया। भारी-भरकम पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को देखकर लोगों के होश उड़ गए। चिन्हित मकान में रहने वाले लोगों से बाहर निकलने कहा गया, इसके बाद आक्रोश की स्थिति बन गई और जमकर विरोध का स्वर मुखर होने लगा, पत्थर चलाने जैसी बातें भी सामने आई। यहां बन रही स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाला और सख्ती दिखाकर तोड़ू दस्ता को कार्रवाई शुरू करने के लिए सुरक्षा घेरे में भेजा गया। जेसीबी लगाकर एक सिरे से मकानों को जमींदोज करने की प्रक्रिया जैसे ही शुरू हुई, महिलाओं और बच्चों की आंखों से आंसू निकल गए। प्रशासन की सख्ती देखकर लोगों ने अपने घरों से आननफानन में सामान निकालना शुरू कर दिया।  
बता दें कि गंगापुर में मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भवन के लिए प्रशासन की ओर से 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराया गया है, इसमें से लगभग पांच-छह एकड़ सरकारी भूमि में लम्बे समय से 36 लोगों ने कब्जा करके रखा है। मेडिकल कॉलेज के लिए गंगापुर में भूमि आवंटन के बाद से ही कयास लग रहे थे कि आसपास बने मकानों पर कभी भी बुलडोजर चल सकता है। प्रशासन की ओर से इन कब्जाधारियों को नोटिस जारी करके वर्ष 2020 में ही जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद कब्जा नहीं हटा। इस बीच कुछ कच्चे मकान पक्के में तब्दील हो गए। प्रशासन की टीम ने 6 जेसीबी लगाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया को शाम तक जारी रखा। प्रशासन के रूख को देखकर ऐसा लगा कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों की खैर नहीं है, आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन की ओर से एसडीएम फागेश सिन्हा, तहसीलदार उमेश बाज सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति रही, वहीं सुरक्षा व्यवस्था का कमांड अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ने संभाला।
फर्जी पट्टा के मामले में होगा एफआईआर
एसडीएम फागेश सिन्हा ने कहा कि गंगापुर के नजूल क्षेत्र में जमीन पहले ही मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित की गई थी। अतिक्रमण करने वालों को अवैध कब्जा हटाने का नोटिस वर्ष 2020 में ही जारी कर दिया गया था। इसके बाद कुछ कारणों से तत्समय अतिक्रमण नहीं हट पाया। बेदखली का नोटिस देने के बीच मामला उच्च न्यायालय तक भी पहुंचा, लेकिन इन्हें राहत नहीं मिली। इन्हें कब्जा हटाने के लिए दी जाने वाली चेतावनी बेअसर रही, और प्रशासन को सख्ती दिखानी पड़ी। पूर्व में गंगापुर ग्राम पंचायत में शामिल था। कुछ लोगों ने कलेक्टर और डीएफओ का हस्ताक्षरयुक्त वन अधिकार पट्टा दिखाया। एसडीएम ने कहा जांच में हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। मामले में अलग से एफआईआर दर्ज कराया जाएगा। दो के पास उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश है, ऐसे में इनका कब्जा नहीं हटाया गया है।

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